Skip to main content

environmentalstory

Home » बिहार में बर्ड फ्लू का खतरा: स्कूलों के मिड-डे मील से हटाए गए अंडे

बिहार में बर्ड फ्लू का खतरा: स्कूलों के मिड-डे मील से हटाए गए अंडे

by kishanchaubey
0 comment

Bird flu : बिहार सरकार ने पटना, भागलपुर और जहानाबाद जिलों में बर्ड फ्लू (H5N1 वायरस) के मामलों की पुष्टि होने के बाद एहतियातन स्कूलों के मिड-डे मील (Mid Day Meal) में अंडे देने पर रोक लगा दी है।

राज्य शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि यह फैसला केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय द्वारा राज्यों को जारी किए गए अलर्ट के बाद लिया गया है।

बच्चों को अब अंडे की जगह फल दिए जाएंगे

प्राथमिक शिक्षा और मिड-डे मील निदेशक साहिला ने कहा,
“बच्चों के पोषण को ध्यान में रखते हुए, अंडों की जगह उन्हें सेब, केला जैसे मौसमी फल दिए जाएंगे। स्थिति सामान्य होने के बाद अंडे को फिर से शामिल करने का निर्णय लिया जाएगा।”

बिहार में 70,000 से अधिक सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील योजना चलाई जाती है, जिससे हर दिन करीब 1 करोड़ बच्चे लाभान्वित होते हैं।

banner

बर्ड फ्लू के चलते हजारों मुर्गियों को मारा गया

बर्ड फ्लू फैलने से रोकने के लिए सरकार ने संक्रमित क्षेत्रों के 1 किलोमीटर के दायरे में आने वाले मुर्गियों और बत्तखों को मारने का आदेश दिया है।

  • अकेले भागलपुर जिले में पिछले कुछ दिनों में 3,000 से अधिक मुर्गियों को मार दिया गया है और सैकड़ों अंडे नष्ट किए गए हैं।
  • बिहार सरकार ने लोगों से चिकन और अंडे का सेवन न करने की अपील की है।

स्कूलों में पोषण पर असर

शिक्षाविदों का कहना है कि इस फैसले से गरीब तबके के हजारों बच्चे पोषण के समृद्ध स्रोत अंडे से वंचित हो जाएंगे।

  • मिड-डे मील योजना में अंडों को शामिल करने का उद्देश्य बच्चों को प्रोटीन और अन्य आवश्यक पोषक तत्व देना था।
  • विशेषज्ञों के मुताबिक, अंडे की जगह मौसमी फल पर्याप्त पोषण नहीं दे सकते।

स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर, अस्पतालों को दिए गए निर्देश

स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने बताया कि सरकार स्थिति पर लगातार नजर रख रही है।
सरकारी अस्पतालों को:

  • बुखार, नाक बहने और सांस फूलने की शिकायत लेकर आने वाले मरीजों की जांच करने और रक्त परीक्षण कराने के निर्देश दिए गए हैं।
  • संदिग्ध मामलों का तुरंत इलाज करने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

कैसे फैला बिहार में बर्ड फ्लू?

  • 27 फरवरी 2025: पटना में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के परिसर में मुर्गियां मृत पाई गईं।
  • उनके नमूने भोपाल स्थित राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान भेजे गए।
  • रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि पक्षियों की मौत बर्ड फ्लू (H5N1 वायरस) के कारण हुई थी।

पड़ोसी राज्यों में भी खतरा बढ़ा

  • झारखंड में भी बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है, जिसके बाद वहां भी मुर्गियों और बत्तखों को मारने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
  • पटना स्थित संजय गांधी जैविक उद्यान (Patna Zoo) को अलर्ट पर रखा गया है और पक्षियों के पिंजरों के पास कीटनाशकों का छिड़काव किया जा रहा है।

You may also like