नई दिल्ली, 22 जुलाई 2025: केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के मुताबिक, आज अमृतसर में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 234 दर्ज किया गया, जो देश में सबसे प्रदूषित रहा। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकों के अनुसार, अमृतसर में प्रदूषण 1,460% अधिक है, जिसमें PM2.5 कण हावी हैं। मंडी गोबिंदगढ़ में AQI 205 के साथ दूसरा स्थान रहा।
दोनों शहरों की हवा ‘खराब’ श्रेणी में है। ब्रजराजनगर (192), सागर (178), धौलपुर (134), नंदेसरी (129), श्रीगंगानगर (114), बीकानेर (113), नोएडा (110) और बद्दी (107) शीर्ष 10 प्रदूषित शहरों में शामिल हैं। रुझानों से पता चला कि अमृतसर, मंडी गोबिंदगढ़, नंदेसरी और श्रीगंगानगर में PM2.5 कण प्रमुख हैं, जबकि धौलपुर, बीकानेर, नोएडा, बद्दी, झांसी, दौसा और गाजियाबाद में PM10 प्रदूषण चिंताजनक है।
ब्रजराजनगर में ओजोन का स्तर बढ़ा है। देश के 43% शहरों में हवा साफ, 6% में चिंताजनक और 50% से अधिक में संतोषजनक रही। शिलांग में AQI 11 के साथ सबसे साफ हवा दर्ज की गई, जो अमृतसर से 20 गुना बेहतर है। 89 शहरों, जैसे गोरखपुर, गुवाहाटी, जालंधर, कोल्हापुर, लुधियाना, मुंबई, मैसूर और पुणे में AQI 0-50 के बीच रहा, जो ‘बेहतर’ श्रेणी है। 107 शहरों, जैसे दिल्ली (93), कानपुर, कोलकाता, लखनऊ और पटना में AQI 51-100 के बीच रहा, जो ‘संतोषजनक’ है।
हालांकि, कल की तुलना में संतोषजनक हवा वाले शहरों की संख्या में 9% कमी आई। 11 शहरों, जैसे बद्दी, बीकानेर और नोएडा में AQI 101-200 के बीच रहा, जो ‘मध्यम’ श्रेणी है। दिल्ली में प्रदूषण 18 अंक बढ़कर AQI 93 पर पहुंचा, लेकिन यह ‘संतोषजनक’ है। कल अररिया में AQI 368 था, जो सबसे खराब था, लेकिन आज इसके आंकड़े अनुपलब्ध हैं। जनवरी से अप्रैल 2025 तक दिल्ली में हवा साफ नहीं रही, और नवंबर-दिसंबर 2024 में कई दिन ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज हुए।
