भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 17 अप्रैल 2026 के ताजा अपडेट के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से देश के कई हिस्सों में मौसम ने पलटी मारी है। उत्तर भारत में बारिश, बर्फबारी और तेज हवाएं चल रही हैं, जबकि पूर्वोत्तर में भारी बारिश का अलर्ट जारी है। वहीं मध्य और पश्चिम भारत में लू तथा तटीय क्षेत्रों में उमस भरी गर्मी परेशान कर रही है।
पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 17 से 19 अप्रैल तक हल्की से मध्यम बारिश तथा ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बौछारें, तेज हवाएं और ओलावृष्टि भी हो सकती है, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा है। दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में आज गरज के साथ हल्की बारिश, वज्रपात और तेज हवाएं चलने की संभावना है। इससे तापमान में मामूली गिरावट आएगी, लेकिन गर्मी से पूरी राहत नहीं मिलेगी। दिल्ली में अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।
पूर्वोत्तर भारत में मौसम काफी सक्रिय है। असम और मेघालय में 17-18 अप्रैल को भारी बारिश (64.5 से 115.5 मिमी) की आशंका है, जिसके लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इससे जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बन सकते हैं। अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलेंगी। पूर्वी भारत में पश्चिम बंगाल, बिहार और ओडिशा में 17 से 21 अप्रैल तक बारिश, आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं संभव हैं।
दक्षिण भारत में आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश तथा गरज-चमक की संभावना है। तटीय कर्नाटक में बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा। छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और उत्तरी कर्नाटक में लू चलने का अलर्ट है, जबकि गुजरात, ओडिशा, तमिलनाडु और केरल जैसे तटीय इलाकों में उमस भरा मौसम रहेगा।
किसानों के लिए सलाह: ओलावृष्टि वाले क्षेत्रों में फसलों को जाल या कवर से बचाएं, पकी फसल तुरंत काट लें। भारी बारिश वाले इलाकों में जल निकासी का प्रबंधन करें और गर्मी वाले क्षेत्रों में सुबह-शाम सिंचाई व मल्चिंग अपनाएं।
कुल मिलाकर, उत्तर और पूर्वोत्तर में बारिश राहत दे रही है, लेकिन मध्य भारत में गर्मी बढ़ रही है। लोग IMD की नियमित जानकारी चेक करें और सावधानी बरतें।
