भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 15 अप्रैल की रात से एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करेगा। इसके साथ चक्रवाती प्रसार और तेज उपोष्णकटिबंधीय जेट स्ट्रीम के कारण देश के कई हिस्सों में मौसम अस्थिर रहेगा। हिमालयी इलाकों में बारिश, ऊंचाई पर बर्फबारी, गरज-चमक और 40-50 किमी/घंटा की तेज हवाएं चलने की संभावना है।
पूर्वोत्तर भारत में 15 से 18 अप्रैल तक बारिश का दौर जारी रहेगा। असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और 30-50 किमी/घंटा की तेज हवाएं चल सकती हैं। खासकर अरुणाचल प्रदेश में 15 अप्रैल को भारी बारिश (64.5 से 155.5 मिमी) का अलर्ट जारी किया गया है, जिससे जलभराव और फसलों को नुकसान की आशंका है।
पूर्वी भारत में उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और ओडिशा में 15-18 अप्रैल तक हल्की-मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं संभव हैं। गंगा के तटीय इलाकों में 15-17 अप्रैल को मौसम सक्रिय रहेगा।
दक्षिण भारत में कर्नाटक के कुछ हिस्सों (विशेषकर तटीय और आंतरिक क्षेत्रों) में 15-16 अप्रैल को हल्की-मध्यम बारिश तथा 15-18 अप्रैल तक बिजली गिरने के आसार हैं। हालांकि अधिकांश दक्षिणी इलाकों में मौसम शुष्क रहेगा।
देश के बाकी हिस्सों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहेगा, लेकिन तापमान में वृद्धि दर्ज की जाएगी। 15-18 अप्रैल के बीच उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान 4-5°C, मध्य-पूर्वी भारत में 2-4°C और दक्षिण भारत-महाराष्ट्र में 2-3°C बढ़ सकता है। कल 14 अप्रैल को महाराष्ट्र के अकोला और कर्नाटक के कलबुर्गी में अधिकतम तापमान 44°C दर्ज किया गया, जबकि पंजाब के आदमपुर में न्यूनतम 13°C रहा।
मध्य महाराष्ट्र, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना और रायलसीमा में लू का खतरा है। गुजरात, केरल, तमिलनाडु, ओडिशा और तटीय क्षेत्रों में गर्म व उमस भरा मौसम परेशान करेगा। दिल्ली-एनसीआर में आज तेज धूप के साथ अधिकतम 40°C और न्यूनतम 21°C रहने का अनुमान है।
किसानों के लिए सलाह: अरुणाचल में भारी बारिश को देखते हुए गोभी, मटर, सरसों, आलू जैसी फसलों को समय पर काटकर सुरक्षित रखें और जल निकासी व्यवस्था करें। गर्मी प्रभावित क्षेत्रों में हल्की सिंचाई कर नमी बनाए रखें। तेज हवाओं वाले इलाकों में कटी फसल को तिरपाल से ढकें या सुरक्षित स्थान पर रखें तथा पेड़-पौधों को सहारा दें।
कुल मिलाकर अप्रैल के मध्य में मौसम दो ध्रुवों पर बंटा दिख रहा है—पहाड़ी और पूर्वोत्तर में नमी व अस्थिरता, जबकि मैदानी व दक्षिणी हिस्सों में बढ़ती गर्मी। लोगों को धूप से बचने, पर्याप्त पानी पीने और सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
