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श्रीगंगानगर में वायु प्रदूषण का खतरनाक स्तर: AQI 306, WHO की सुरक्षित सीमा से 410% अधिक

by kishanchaubey
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राजस्थान के श्रीगंगानगर में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 306 तक पहुंच गया है, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है। यह स्थिति स्वास्थ्य के लिए अत्यंत खतरनाक है, क्योंकि हवा में ओजोन के महीन कण (PM2.5) और अन्य प्रदूषक हावी हैं।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के 24 सितंबर 2025 के आंकड़ों के अनुसार, श्रीगंगानगर में प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की सुरक्षित सीमा से 410% अधिक है, जो लोगों की सेहत पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है।

प्रदूषण में भारी उछाल

कल श्रीगंगानगर में AQI 124 था, जो मध्यम श्रेणी में था। एक ही दिन में इसमें 182 अंकों की भारी वृद्धि दर्ज की गई, जो चिंता का विषय है। हवा में मौजूद ओजोन और PM2.5 जैसे महीन कण सांस की बीमारियों, हृदय रोगों और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं को बढ़ा सकते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह स्थिति विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और सांस की बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए खतरनाक है।

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देश में वायु गुणवत्ता की स्थिति

CPCB के आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि देश के 221 शहरों में से:

  • 31.2% शहरों में हवा साफ (AQI 0-50) है, लेकिन साफ हवा वाले शहरों की संख्या में कल की तुलना में 7% की कमी आई है।
  • 57% शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक (AQI 51-100) है, जिसमें पिछले दिन की तुलना में 6% की वृद्धि हुई है।
  • 12% शहरों में वायु गुणवत्ता चिंताजनक (AQI 101-300) है, जिसमें श्रीगंगानगर सबसे खराब स्थिति में है।
  • 24 शहरों में वायु गुणवत्ता मध्यम (AQI 101-200) श्रेणी में है, जिसमें 29% की कमी दर्ज की गई है।

सबसे प्रदूषित और सबसे साफ शहर

श्रीगंगानगर (AQI 306) देश का सबसे प्रदूषित शहर है, जहां स्थिति ‘बेहद खराब’ है।

औरंगाबाद (बिहार) (AQI 229) दूसरे स्थान पर है, जहां हवा ‘खराब’ श्रेणी में है।गुम्मिडिपूंडी (AQI 185) और नंदेसरी (AQI 184) क्रमशः तीसरे और चौथे स्थान पर हैं।

नंदेसरी में कल AQI 211 था, जो आज मध्यम श्रेणी में आ गया है।

शिलांग (AQI 10) देश का सबसे साफ शहर है। श्रीगंगानगर की तुलना में शिलांग की हवा 30 गुना बेहतर है।

दिल्ली में सुधार, लेकिन खतरा बरकरार

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रदूषण का स्तर कल की तुलना में कम हुआ है, और AQI 120 पर पहुंच गया है, जो मध्यम श्रेणी में है। हालांकि, यह WHO की सुरक्षित सीमा से 700% अधिक है।

पिछले कुछ महीनों में दिल्ली की वायु गुणवत्ता में उतार-चढ़ाव देखा गया है। जून, जुलाई और अगस्त 2025 में हवा ज्यादातर संतोषजनक रही, लेकिन नवंबर और दिसंबर 2024 में कई दिन ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज किए गए, जिससे सांस लेना तक मुश्किल हो गया था।

अन्य प्रदूषित शहर

देश के 10 सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल हैं:

  1. श्रीगंगानगर (AQI 306)
  2. औरंगाबाद, बिहार (AQI 229)
  3. गुम्मिडिपूंडी (AQI 185)
  4. नंदेसरी (AQI 184)
  5. बद्दी (AQI 172)
  6. काशीपुर (AQI 163)
  7. ग्रेटर नोएडा (AQI 161)
  8. मंडी गोबिंदगढ़ (AQI 147)
  9. बुलंदशहर (AQI 145)
  10. गाजियाबाद (AQI 143)

इन शहरों में PM2.5 और PM10 जैसे प्रदूषक हावी हैं, जो फेफड़ों और हृदय के लिए हानिकारक हैं।

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