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देश में साफ हवा वाले शहरों की संख्या में 20% की गिरावट, शिलांग की हवा सबसे साफ

by kishanchaubey
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Air Pollution News: केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, देश में साफ हवा वाले शहरों की संख्या में 20.2 फीसदी की कमी दर्ज की गई है।

ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और बुलंदशहर देश के सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल हैं, जबकि शिलांग की हवा सबसे साफ रही। दिल्ली में प्रदूषण के स्तर में मामूली कमी आई है, लेकिन स्थिति अभी भी मध्यम श्रेणी में बनी हुई है।

ग्रेटर नोएडा में प्रदूषण का स्तर चिंताजनक:

सीपीसीबी के 21 सितंबर 2025 के आंकड़ों के अनुसार, ग्रेटर नोएडा लगातार तीसरे दिन देश का सबसे प्रदूषित शहर रहा, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 185 दर्ज किया गया।

हालांकि, यह पिछले दिन के 194 की तुलना में नौ अंकों की कमी दर्शाता है। फिर भी, ग्रेटर नोएडा की हवा में पीएम10 (महीन कण) का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मानकों से 311 फीसदी अधिक है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।

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शिलांग की हवा सबसे साफ:

देश में शिलांग की हवा सबसे स्वच्छ रही, जहां एक्यूआई मात्र 14 रिकॉर्ड किया गया। ग्रेटर नोएडा की तुलना में शिलांग की हवा 12 गुना बेहतर है।

इसके अलावा, देहरादून, डिंडीगुल, गंगटोक, गुवाहाटी, इंदौर, मुंबई, नागपुर, पुणे और रायपुर जैसे 67 शहरों (कुल 31%) में हवा साफ रही, जहां एक्यूआई 0-50 के बीच रहा।

दिल्ली में प्रदूषण में कमी, लेकिन स्थिति मध्यम:

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रदूषण का स्तर पिछले दिन की तुलना में चार अंकों की कमी के साथ 127 पर पहुंच गया। यह डब्ल्यूएचओ के मानकों से 182 फीसदी अधिक है और मध्यम श्रेणी में है।

पिछले कुछ महीनों में दिल्ली की हवा ज्यादातर संतोषजनक रही, लेकिन नवंबर और दिसंबर 2024 में कई दिन ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज किए गए, जिससे सांस लेने में तकलीफ का सामना करना पड़ा।

प्रदूषित शहरों की सूची:

ग्रेटर नोएडा (185) के बाद गाजियाबाद (150), बुलंदशहर (140), मंडी गोबिंदगढ़ (139), बिलीपाड़ा (136), भरतपुर (130), नोएडा (128), दिल्ली (127), बद्दी (122) और मेरठ (121) देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल हैं।

इन शहरों में पीएम10 और पीएम2.5 जैसे प्रदूषक कण हावी रहे, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं।

संतोषजनक हवा वाले शहरों में इजाफा:

आंकड़ों के अनुसार, देश के 127 शहरों (58.2%) में हवा संतोषजनक रही, जहां एक्यूआई 51-100 के बीच दर्ज किया गया। इनमें कोलकाता, कोटा, पटना, जयपुर, भोपाल और बेंगलुरु शामिल हैं।

संतोषजनक हवा वाले शहरों की संख्या में 3.4 फीसदी की वृद्धि हुई है। इसके विपरीत, 24 शहरों में हवा मध्यम श्रेणी (101-200) में रही, जहां एक्यूआई में 20 फीसदी का इजाफा हुआ।

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