World Heart Day 2025: हर साल 29 सितंबर को विश्व हृदय दिवस मनाया जाता है, जिसकी शुरुआत 2000 में विश्व हृदय फेडरेशन (डब्ल्यूएचएफ) ने हृदय संबंधी बीमारियों (कार्डियोवैस्कुलर डिजीज – सीवीडी) के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए की थी। यह दिन हमें याद दिलाता है कि हृदय की देखभाल हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए।
हृदय रोग: एक वैश्विक और स्थानीय संकट
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, दक्षिण-पूर्व एशिया में हर मिनट आठ लोग हृदय रोगों के कारण अपनी जान गंवाते हैं, जिनमें से लगभग आधे 70 साल से कम उम्र के हैं।
वैश्विक स्तर पर, हृदय रोग हर साल 2.05 करोड़ लोगों की मृत्यु का कारण बनता है, जो कैंसर, संक्रमण या सड़क हादसों से कहीं अधिक है। 2022 में 1.98 करोड़ मौतें हृदय रोगों से हुईं, जिनमें 85% दिल का दौरा और स्ट्रोक के कारण थीं।
इनमें से तीन-चौथाई से अधिक मौतें कम और मध्यम आय वर्ग वाले देशों में होती हैं।
भारत में चिंताजनक स्थिति
भारत में हर चार में से एक मौत हृदय रोगों के कारण होती है। विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में युवाओं को पश्चिमी देशों की तुलना में कम उम्र में दिल का दौरा पड़ने का खतरा अधिक है। इसका कारण अनियमित जीवनशैली, तनाव, अस्वस्थ आहार, और शारीरिक निष्क्रियता है।
हृदय रोगों के प्रमुख कारण
उच्च रक्तचाप, मधुमेह, तंबाकू और शराब का सेवन, अधिक नमक और वसा युक्त आहार, मोटापा, तनाव, और प्रदूषण हृदय रोगों के प्रमुख कारक हैं। दक्षिण-पूर्व एशिया में 85% लोग, जो उच्च रक्तचाप और मधुमेह से पीड़ित हैं, अपनी स्थिति को नियंत्रित नहीं कर पाते।
विश्व हृदय दिवस 2025 का संदेश
यह दिन हमें याद दिलाता है कि हृदय स्वास्थ्य केवल चिकित्सा पर निर्भर नहीं, बल्कि हमारी रोजमर्रा की आदतों से जुड़ा है। स्वस्थ आहार, नियमित व्यायाम, और जागरूकता से हम अपने और समाज के हृदय को सुरक्षित रख सकते हैं।
