जनवरी 2026 के तीसरे सप्ताह में उत्तर भारत में मौसम ने करवट ली है। सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में बारिश की संभावना बढ़ गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, आज 20 जनवरी को उत्तर पंजाब में एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जो चक्रवाती प्रसार के रूप में मौजूद है। 21 जनवरी की रात से एक और शक्तिशाली विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा। ऊपरी वायुमंडल में ट्रफ और उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम (125 नॉट की गति) ने मौसम को और तीव्र बना दिया है।
पहाड़ी क्षेत्रों में असर स्पष्ट है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में 20-21 जनवरी को हल्की से मध्यम बारिश-बर्फबारी संभव है। 22-24 जनवरी के बीच पश्चिमी हिमालय में भारी बर्फबारी होगी, खासकर कश्मीर घाटी और हिमाचल प्रदेश के ऊंचे इलाकों में। 23 जनवरी को उत्तराखंड में भी जमकर बर्फ गिर सकती है। 22-23 जनवरी को हिमाचल और उत्तराखंड में गरज-चमक के साथ बारिश और वज्रपात का खतरा है। जम्मू-कश्मीर में 23 जनवरी को 40-50 किमी/घंटा की तूफानी हवाएं और बिजली गिरने की आशंका है। विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
मैदानी इलाकों में 22-25 जनवरी तक पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 23-24 जनवरी को पूर्वी उत्तर प्रदेश प्रभावित होगा। इन क्षेत्रों में 30-40 किमी/घंटा की तेज हवाएं चलेंगी, जो किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती हैं। दिल्ली-एनसीआर में आज न्यूनतम तापमान 8 डिग्री रहा, लेकिन 23 जनवरी से बारिश संभव है। घना कोहरा जारी है, जो यातायात को प्रभावित कर रहा है। पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और बिहार में 20-21 जनवरी तक बहुत घना कोहरा रहेगा। वाहन चालकों को सावधानी बरतनी चाहिए।
दिल्ली में प्रदूषण गंभीर स्तर (AQI 400+) पर है, ठंड और कोहरे से स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है। हिमाचल में 20-21 जनवरी को शीतलहर चलेगी। उत्तर-पश्चिम भारत में अगले तीन दिनों में न्यूनतम तापमान स्थिर रहेगा, फिर 2-4 डिग्री बढ़ेगा और बाद में गिरेगा। महाराष्ट्र में तापमान बढ़ सकता है। कल अमृतसर में न्यूनतम 2.9 डिग्री और नंदिगामा में अधिकतम 34.2 डिग्री दर्ज हुआ।
दक्षिण भारत में शुष्क मौसम रहेगा। कुल मिलाकर, उत्तर भारत में सक्रिय मौसम से सतर्कता जरूरी है।
