केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) द्वारा 03 नवंबर 2025 को जारी 251 शहरों के आंकड़ों के विश्लेषण से सामने आया है कि तमिलनाडु का थूथुकुडी आज देश का सबसे प्रदूषित शहर बन गया है। यहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 486 तक पहुंच गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। कल ही थूथुकुडी में AQI महज 93 दर्ज किया गया था, यानी एक दिन में संतोषजनक से ‘गंभीर’ स्तर पर पहुंच गया।
प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की सुरक्षित सीमा से 980% अधिक है। रुझानों से पता चला कि यहां हवा में पीएम10 कण पूरी तरह हावी हैं, जो लोगों को गंभीर बीमारियां दे सकता है।दूसरी ओर, मेघालय की राजधानी शिलांग में हवा सबसे साफ रही, जहां AQI सिर्फ 12 रिकॉर्ड किया गया। थूथुकुडी की तुलना में शिलांग की स्थिति 40 गुना बेहतर है।
दिल्ली में सुधार, लेकिन हालात अभी खराब
राजधानी दिल्ली में कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। AQI 57 अंकों की कमी के साथ 309 पर पहुंच गया, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में है। WHO मानकों से 1,960% अधिक प्रदूषित। फरीदाबाद में AQI 198 (17 अंकों की गिरावट) दर्ज हुआ।
टॉप 10 सबसे प्रदूषित शहर
थूथुकुडी (तमिलनाडु) – 486 (गंभीर) कैथल (हरियाणा) – 393 (बेहद खराब) बागपत (उत्तर प्रदेश) – 384 (बेहद खराब) मेरठ (उत्तर प्रदेश) – 376 (बेहद खराब) जींद (हरियाणा) – 354 (बेहद खराब) गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) – 340 (बेहद खराब) मानेसर (हरियाणा) – 340 (बेहद खराब) मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) – 339 (बेहद खराब) काशीपुर (उत्तराखंड) – 325 (बेहद खराब) हापुड़ (उत्तर प्रदेश) – 323 (बेहद खराब)
गौरतलब है कि टॉप 10 में उत्तर प्रदेश के 5 शहर शामिल हैं। कल सबसे प्रदूषित धारूहेड़ा (434) आज 258 अंकों के सुधार के साथ 176 पर पहुंच गया।
