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सूरत की हवा देश में सबसे प्रदूषित, शिलांग में सबसे साफ: CPCB

by kishanchaubey
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Air Pollution News: 23 जून 2025 को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) द्वारा जारी वायु गुणवत्ता आंकड़ों के अनुसार, गुजरात के सूरत शहर की हवा देश में सबसे प्रदूषित रही, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 272 तक पहुंच गया। सूरत में प्रदूषण के महीन कण PM10 की मात्रा हावी रही। इसके विपरीत, मेघालय की राजधानी शिलांग की हवा सबसे साफ दर्ज की गई, जहां AQI महज 13 रहा। इस तरह सूरत की हवा शिलांग की तुलना में करीब 20 गुना अधिक प्रदूषित है।

नंदेसरी और बद्दी भी प्रदूषण की चपेट में

सूरत के बाद नंदेसरी (AQI 251) दूसरे और बद्दी (AQI 207) तीसरे स्थान पर रहे। नंदेसरी में कल की तुलना में प्रदूषण में 12 अंकों का सुधार देखा गया, लेकिन फिर भी हवा ‘खराब’ श्रेणी में रही। कल नंदेसरी देश का सबसे प्रदूषित शहर था। सूरत, नंदेसरी और बद्दी- तीनों शहरों की वायु गुणवत्ता आज ‘खराब’ (AQI 201-300) दर्ज की गई, जबकि कल केवल नंदेसरी की हवा इस श्रेणी में थी।

देश के दस सबसे प्रदूषित शहर

CPCB के आंकड़ों के अनुसार, देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में मंडी गोबिंदगढ़ (AQI 183), भुवनेश्वर (AQI 182), सुआकाती (AQI 150), सिंगरौली (AQI 148), कोटा (AQI 142), खुर्जा (AQI 124) और भीलवाड़ा (AQI 123) शामिल हैं। इन शहरों में PM10 और PM2.5 कणों के अलावा भुवनेश्वर में कार्बन, छपरा में नाइट्रोजन डाइऑक्साइड, और खन्ना में ओजोन जैसे प्रदूषक हावी रहे।

दिल्ली में प्रदूषण बढ़ा, मध्यम श्रेणी में AQI

राजधानी दिल्ली में कल की तुलना में प्रदूषण में 20 अंकों का उछाल देखा गया, जिसके साथ AQI 112 पर पहुंच गया। यह स्तर ‘संतोषजनक’ से ‘मध्यम’ श्रेणी में आ गया। दिल्ली के अलावा चंडीगढ़, नोएडा, गाजियाबाद जैसे शहरों में PM10 कण हावी रहे, जबकि नंदेसरी, मंडी गोबिंदगढ़, सिंगरौली, खुर्जा और भीलवाड़ा में PM2.5 के कारण स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

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20 शहरों में मध्यम, 96 में साफ हवा

देश के 21 शहरों में वायु गुणवत्ता ‘मध्यम’ (AQI 101-200) रही, जिनमें बागपत, भीलवाड़ा, भुवनेश्वर, चंडीगढ़, गाजियाबाद, गुरुग्राम, नोएडा, सिंगरौली आदि शामिल हैं। राहत की बात है कि मध्यम AQI वाले शहरों की संख्या में 5% की कमी आई। दूसरी ओर, आइजोल सहित 96 शहरों में हवा ‘बेहतर’ (AQI 0-50) रही, जिनमें कोलकाता, नागपुर, पुणे, मैसूर, देहरादून, ग्वालियर, भोपाल आदि शामिल हैं। साफ हवा वाले शहरों की संख्या में 23% की वृद्धि दर्ज की गई।

92 शहरों में संतोषजनक हवा, लेकिन 18% कमी

अलवर, चेन्नई, हैदराबाद, जयपुर, लखनऊ, मुंबई सहित 92 शहरों में वायु गुणवत्ता ‘संतोषजनक’ (AQI 51-100) रही। हालांकि, इस श्रेणी के शहरों की संख्या में 18% की गिरावट आई। अन्य प्रमुख शहरों में मुंबई (AQI 58), लखनऊ (AQI 80), चेन्नई (AQI 72), चंडीगढ़ (AQI 120), हैदराबाद (AQI 63), जयपुर (AQI 57) और पटना (AQI 94) शामिल हैं।

वायु गुणवत्ता सूचकांक का अर्थ

AQI के अनुसार, 0-50 का स्तर ‘बेहतर’ हवा को दर्शाता है, 51-100 ‘संतोषजनक’, 101-200 ‘मध्यम’, 201-300 ‘खराब’, 301-400 ‘बेहद खराब’, और 401-500 ‘गंभीर’ स्थिति को दर्शाता है। ‘गंभीर’ स्तर पर हवा स्वस्थ लोगों के लिए भी खतरनाक हो सकती है और बीमार लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है।

दिल्ली में चार महीनों से साफ हवा नहीं

आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से अप्रैल 2025 तक दिल्ली में एक भी दिन ऐसा नहीं रहा जब हवा ‘बेहतर’ श्रेणी में हो। नवंबर 2024 में 8 दिन और दिसंबर 2024 में 6 दिन दिल्ली की हवा ‘गंभीर’ रही, जिससे सांस लेना तक मुश्किल हो गया था।

कुल स्थिति

रुझानों के अनुसार, देश के 45% शहरों में हवा ‘बेहतर’, 43% में ‘संतोषजनक’, और 11% में ‘चिंताजनक’ है। प्रदूषण में उतार-चढ़ाव जारी है, और सूरत जैसे शहरों में स्थिति गंभीर बनी हुई है। CPCB ने फरीदाबाद के AQI डेटा साझा नहीं किए, जिससे वहां की स्थिति अस्पष्ट है।

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