भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज जारी बुलेटिन में कहा है कि सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण 13 से 18 फरवरी के बीच देश के कई हिस्सों में बारिश, बर्फबारी, गरज-चमक और कोहरे का असर देखा जाएगा। ऊपरी हवा में सक्रिय यह प्रणाली पहाड़ी और मैदानी इलाकों को प्रभावित करेगी, जबकि तटीय क्षेत्रों में उमस भरी गर्मी और कम दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है। विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
पहाड़ी राज्यों में मौसम का मिजाज बदल रहा है। 13, 16 और 17 फरवरी को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में बारिश या बर्फबारी हो सकती है, खासकर ऊंचे इलाकों में। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 16 से 18 फरवरी तक अलग-अलग जगहों पर वर्षा और हिमपात की आशंका है, जिससे ठंड बढ़ेगी और सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं।
पूर्वोत्तर में अरुणाचल प्रदेश में 14-15 फरवरी को हल्की बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी संभव है। उत्तर-पूर्व भारत के ऊपर उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम सक्रिय है, जिसकी गति 130 नॉट तक पहुंच रही है, जो मौसम को और तेज कर सकता है।
मैदानी इलाकों में 17 फरवरी को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तर राजस्थान में गरज-चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने की संभावना है। लोगों को खुले मैदानों से दूर रहने और पेड़ों के नीचे न जाने की हिदायत दी गई है। दिल्ली-एनसीआर में तापमान धीरे-धीरे बढ़ेगा; अधिकतम 29 डिग्री और न्यूनतम 15 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। तेज हवाओं से दिन में राहत मिलेगी, लेकिन रातें हल्की ठंडी रहेंगी।
कोहरे की चेतावनी भी जारी है। मेघालय में 13 फरवरी तक सुबह घना कोहरा छाया रह सकता है, जबकि हिमाचल प्रदेश में 14 फरवरी तक कुछ जगहों पर दृश्यता कम होगी, जो यातायात प्रभावित कर सकता है। वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह है।
तापमान में उतार-चढ़ाव की बात करें तो उत्तर-पश्चिम, उत्तर-पूर्व भारत और मध्य प्रदेश में अगले तीन दिनों तक न्यूनतम तापमान स्थिर रहेगा, उसके बाद 2-3 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है। दक्षिण में तटीय कर्नाटक में आज उमस भरी गर्मी है, जबकि कोंकण-गोवा में 14-15 फरवरी को ऐसा ही मौसम रहेगा। कल कारवार में अधिकतम 37.8 डिग्री और अमृतसर में न्यूनतम 6.9 डिग्री दर्ज किया गया।
तटीय इलाकों में पूर्वी भूमध्यरेखीय हिंद महासागर और दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती प्रसार है, जिससे 15 फरवरी के आसपास कम दबाव क्षेत्र बनेगा। दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में हवाएं 35-45 किमी/घंटा से बढ़कर 55 किमी/घंटा तक पहुंच सकती हैं। मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी दी गई है।
IMD ने सलाह दी कि पहाड़ी यात्रा से पहले मौसम की जानकारी लें, गर्म कपड़े पहनें, वज्रपात से बचें और कोहरे में धीरे ड्राइव करें। कुल मिलाकर, सावधानी से इस बदलते मौसम का सामना करें।
