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मध्य प्रदेश में मादा चीता और उसके चार शावकों पर पथराव, वन्यजीव संरक्षण को लेकर चिंताएं बढ़ीं

by kishanchaubey
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मध्य प्रदेश में मादा चीता और उसके चार शावकों पर पथराव, वन्यजीव संरक्षण को लेकर चिंताएं बढ़ीं मध्य प्रदेश के एक गांव में सोमवार, 24 मार्च 2025 को एक मादा चीता और उसके चार शावकों पर पथराव किया गया। ये चीते शिकार के दौरान एक बछड़े को पकड़ने की कोशिश कर रहे थे। इस घटना ने प्रोजेक्ट चीता के क्रियान्वयन को लेकर वन्यजीव विशेषज्ञों और संरक्षणवादियों की चिंता बढ़ा दी है।

घटना कैसे हुई?
यह घटना शिवपुरी जिले के एक गांव में सुबह करीब 9 बजे हुई, जहां अफ्रीका से लाए गए चीतों को भारत में मेटा पॉपुलेशन (व्यापक आबादी) स्थापित करने के लिए छोड़ा गया था।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, मादा चीता ‘ज्वाला’ अपने चार शावकों के साथ गांव के बाहरी इलाके में शिकार की तलाश में थी। इस दौरान उसने एक बछड़े पर हमला करने की कोशिश की। यह देखकर ग्रामीणों की भीड़ इकट्ठा हो गई और उन्होंने शोर मचाकर चीता परिवार को भगाने की कोशिश की। इसी दौरान, कुछ ग्रामीणों ने पत्थर फेंकना शुरू कर दिया।

चीते सुरक्षित हैं
घटना के दौरान मौजूद वन विभाग की टीम ने हालात को नियंत्रण में लाने की कोशिश की और चीतों को किसी तरह जंगल की ओर लौटाया। अधिकारियों के मुताबिक, सभी चीते सुरक्षित और स्वस्थ हैं।

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वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिनमें देखा जा सकता है कि चीते एक निर्माणाधीन रेलवे पुल के पास थे, जबकि ग्रामीण हाथों में लाठियां लिए खड़े थे। एक अन्य वीडियो में चीता बछड़े का शिकार करने की कोशिश करता है, लेकिन ग्रामीणों और वन विभाग की टीम द्वारा उसे भगा दिया जाता है।

इसके अलावा, कुछ चीतों को तेलीपुरा गांव के खेतों में भी देखा गया। वन विभाग की टीम ने गांववालों को सतर्क रहने और चीतों को बिना किसी बाधा के निकल जाने देने की सलाह दी।

वन्यजीव संरक्षण पर उठे सवाल
इस घटना के बाद प्रोजेक्ट चीता के क्रियान्वयन और स्थानीय समुदायों को जागरूक करने की जरूरत पर सवाल खड़े हो गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर चीतों के प्रति लोगों की मानसिकता नहीं बदली गई, तो इस संरक्षण योजना को गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।

जरूरी कदम:
गांववालों को चीतों के व्यवहार और उनसे निपटने के सही तरीकों के बारे में जागरूक किया जाए।

वन्यजीवों और ग्रामीणों के बीच संघर्ष रोकने के लिए उचित सुरक्षा उपाय किए जाएं।

चीतों के लिए पर्याप्त प्राकृतिक शिकार उपलब्ध कराए जाएं, ताकि वे पालतू मवेशियों का शिकार करने पर मजबूर न हों।

वन विभाग की गश्त और निगरानी बढ़ाई जाए।

प्रोजेक्ट चीता: क्या है ये योजना?
प्रोजेक्ट चीता भारत में चीतों को फिर से बसाने की एक ऐतिहासिक योजना है। इसके तहत अफ्रीका से लाए गए चीतों को मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क और अन्य उपयुक्त क्षेत्रों में छोड़ा गया है। इस परियोजना का उद्देश्य भारत में विलुप्त हो चुके चीतों की आबादी को फिर से स्थापित करना और जैव विविधता को बढ़ावा देना है।

हालांकि, यह घटना बताती है कि स्थानीय समुदायों को इस परियोजना के बारे में और अधिक जागरूक करने की जरूरत है, ताकि वे चीतों को खतरा न मानें और उनके साथ सह-अस्तित्व में रहना सीखें।

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