पश्चिमी विक्षोभ, ऊपरी हवाओं का चक्रवात और उपोष्णकटिबंधीय जेट स्ट्रीम के सक्रिय होने से देश के कई हिस्सों में मौसम बदल गया है। तपती गर्मी से राहत मिली है, लेकिन बारिश, आंधी, बिजली और ओलावृष्टि का खतरा बढ़ गया है। मौसम विभाग ने उत्तर, पूर्वी, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में हल्की से मध्यम बारिश व 40-70 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं का पूर्वानुमान जारी किया है।
उत्तर भारत में सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा। 16 से 21 मार्च तक जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के साथ ऊंचाई पर बर्फबारी संभव है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में गरज-चमक के साथ बारिश होगी। दिल्ली-एनसीआर में आज बादल छाए रहेंगे, तेज हवाओं के साथ बौछारें पड़ेंगी। अधिकतम तापमान 27-29 डिग्री और न्यूनतम 16-18 डिग्री रहने की संभावना है।
पूर्वी भारत में आज पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा और बिहार में तेज आंधी, बिजली गिरने और ओलावृष्टि का खतरा है। हवा की रफ्तार 50-70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। पूर्वोत्तर में असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में 16-17 मार्च को भारी बारिश व 30-50 किमी प्रति घंटे की हवाएं चलेंगी। दक्षिण में तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में गरज के साथ हल्की बारिश होगी।
तापमान में 3-5 डिग्री की गिरावट आएगी, जिसके बाद धीरे-धीरे बढ़ोतरी होगी। खेती पर असर पड़ेगा। गेहूं, दलहन और तिलहन फसलों को ओले और तेज हवा से नुकसान का खतरा है। किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग ने लोगों को चेतावनी दी है- गरज-बिजली के समय घर के अंदर रहें, पेड़ों और खुले मैदान से दूर रहें, यात्रा टालें और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का सावधानी से उपयोग करें। मौसम की लगातार जानकारी लें और सतर्क रहें।
