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अगरतला में प्रदूषण में सुधार, लेकिन स्थिति अभी भी चिंताजनक; मदिकेरी की हवा सबसे साफ

by kishanchaubey
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Air Pollution, 12 May 2025: त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में वायु प्रदूषण के स्तर में मामूली सुधार देखने को मिला है, लेकिन स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के 11 मई 2025 के आंकड़ों के अनुसार, अगरतला में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 53 अंकों के सुधार के साथ 283 पर पहुंच गया है।

इसके बावजूद, शहर की हवा ‘खराब’ श्रेणी में बनी हुई है। अगरतला में लगातार दूसरे दिन ओजोन प्रदूषण प्रमुख रहा, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।

झुंझुनूं और चुरू में भी प्रदूषण का स्तर ऊंचा: देश के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में राजस्थान का झुंझुनूं दूसरे स्थान पर है, जहां एक्यूआई 207 दर्ज किया गया। यहां भी ओजोन प्रदूषण हावी रहा।

वहीं, चुरू 189 के एक्यूआई के साथ तीसरे स्थान पर है। ओडिशा के बारबिल (183) और बिहार के हाजीपुर (182) क्रमशः चौथे और पांचवें स्थान पर हैं। देश के अन्य प्रदूषित शहरों में करौली (179), बिलीपाड़ा (172), सवाई माधोपुर (167), दुर्गापुर और दौसा शामिल हैं। इनमें से चुरू, सवाई माधोपुर, हाजीपुर और करौली में ओजोन, बिलीपाड़ा में पीएम2.5 और बारबिल में पीएम10 प्रदूषण प्रमुख रहा।

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मदिकेरी में देश की सबसे साफ हवा: कर्नाटक के मदिकेरी में वायु गुणवत्ता सबसे बेहतर रही, जहां एक्यूआई मात्र 12 दर्ज किया गया। अगरतला की तुलना में मदिकेरी की हवा 22 गुना साफ है। मदिकेरी के अलावा, मुंगेर, मैसूर, नागपट्टिनम, नासिक, रामनगर, रामनाथपुरम, शिवमोगा, शिवसागर, सूरत, तिरुनेलवेली, विजयपुरा जैसे 25 शहरों में हवा ‘बेहतर’ श्रेणी में रही।

हालांकि, साफ हवा वाले शहरों की संख्या में पिछले दिन की तुलना में 24% से अधिक की कमी आई है, जो चिंता का विषय है।

दिल्ली में प्रदूषण में कमी, लेकिन स्थिति मध्यम: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रदूषण का स्तर 31 अंकों की कमी के साथ 158 पर पहुंच गया है। यह ‘मध्यम’ श्रेणी में है, लेकिन ओजोन प्रदूषण यहां भी हावी रहा।

दिल्ली के अलावा, देश के 55 अन्य शहरों जैसे चंडीगढ़, गाजियाबाद, ग्वालियर, जयपुर, जोधपुर, कोटा आदि में भी वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में रही। मध्यम श्रेणी वाले शहरों की संख्या में 3% की कमी दर्ज की गई।

संतोषजनक हवा वाले शहरों में इजाफा: देश के 140 शहरों में वायु गुणवत्ता ‘संतोषजनक’ रही, जिनमें पुणे, रायपुर, तिरुवनंतपुरम, वाराणसी, शिलांग, सलेम, ऋषिकेश आदि शामिल हैं। इन शहरों की संख्या में 5% की वृद्धि हुई है।

सीपीसीबी के आंकड़ों के अनुसार, देश के 223 शहरों में से 25 में हवा ‘बेहतर’, 140 में ‘संतोषजनक’, 56 में ‘मध्यम’ और दो शहरों (अगरतला और झुंझुनूं) में ‘खराब’ श्रेणी में रही।

प्रदूषण का उतार-चढ़ाव जारी: विश्लेषण के अनुसार, देश के 11% शहरों में हवा साफ, 63% में संतोषजनक और 26% में चिंताजनक स्थिति है। पिछले चार महीनों (जनवरी- अप्रैल 2025) में दिल्ली में एक भी दिन ऐसा नहीं रहा जब हवा ‘बेहतर’ श्रेणी में हो।

नवंबर 2024 में आठ दिन और दिसंबर 2024 में छह दिन दिल्ली की हवा ‘गंभीर’ रही, जिसने लोगों के लिए सांस लेना मुश्किल कर दिया था।

अन्य शहरों की स्थिति: प्रमुख शहरों में ग्वालियर (114), गाजियाबाद (125), गुरुग्राम (89), नोएडा (123), मुंबई (59), लखनऊ (108), चेन्नई (71), चंडीगढ़ (122), हैदराबाद (76), जयपुर (120) और पटना (137) का एक्यूआई दर्ज किया गया। मुंबई की हवा संतोषजनक, जबकि पटना की मध्यम श्रेणी में रही।

वायु गुणवत्ता सूचकांक का मतलब: एक्यूआई हवा की गुणवत्ता को मापने का पैमाना है। 0-50 के बीच का एक्यूआई ‘बेहतर’, 51-100 ‘संतोषजनक’, 101-200 ‘मध्यम’, 201-300 ‘खराब’, 301-400 ‘बेहद खराब’ और 401-500 ‘गंभीर’ श्रेणी को दर्शाता है। ‘गंभीर’ स्थिति में हवा स्वस्थ लोगों को भी नुकसान पहुंचा सकती है और बीमार लोगों के लिए जानलेवा हो सकती है।

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