23 जनवरी 2026 को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, ओडिशा के अंगुल शहर की हवा देश में सबसे प्रदूषित रही, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 311 दर्ज किया गया। यह विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की सुरक्षित सीमा से 400% अधिक है। अंगुल में ओजोन प्रदूषक हावी है, जो लोगों को गंभीर बीमारियां दे सकता है। कल (22 जनवरी) भी AQI 311 ही था, यानी स्थिति में कोई बदलाव नहीं। इसके विपरीत, मेघालय की राजधानी शिलांग में AQI महज 24 रिकॉर्ड हुआ, जो देश में सबसे साफ हवा दर्शाता है। अंगुल की तुलना में शिलांग से स्थिति 12 गुना बेहतर है।
देश के 239 शहरों के विश्लेषण से पता चला कि मात्र 3.8% (9 शहर) में हवा साफ (AQI 0-50) है, जैसे शिलांग, चामराजनगर, मदिकेरी, पंपोर, पंचगांव, रूपनगर, शिवमोगा, सिलचर और श्रीनगर। 32.6% (78 शहर) में संतोषजनक (51-100), जबकि 63.6% में चिंताजनक स्थिति है। कल से साफ शहरों में 12.5% वृद्धि, संतोषजनक में 18% बढ़ोतरी, खराब में 14.8% गिरावट और बेहद खराब में 70% कमी दर्ज हुई।
शीर्ष 10 प्रदूषित शहर: अंगुल (311), कटक (302), बल्लभगढ़ (301), भिवानी (296), मंडीदीप (288), सिंगरौली (287), दिल्ली (282), गाजियाबाद (278), भुवनेश्वर (274), नोएडा (270)। ओडिशा के तीन (अंगुल, कटक, भुवनेश्वर) और हरियाणा के दो (बल्लभगढ़, भिवानी) शहर शामिल। कई शहरों में PM2.5 हावी है, जैसे भिवानी, दिल्ली, गाजियाबाद; PM10 से प्रभावित: बल्लभगढ़, गुवाहाटी, विशाखापत्तनम; कुछ में ओजोन और कार्बन।
राजधानी दिल्ली में कल AQI 322 से आज 282 पर गिरा, जो ‘बेहद खराब’ से ‘खराब’ श्रेणी में आया। हालांकि, यह WHO मानकों से 1,700% अधिक है। गुरुग्राम में बड़ा सुधार: कल 366 से आज 227। फरीदाबाद में 216 (-27), लेकिन अभी खराब। अन्य शहर: मुंबई (104, मध्यम), लखनऊ (175), चेन्नई (105), हैदराबाद (84), जयपुर (105), पटना (124)।
AQI श्रेणियां: 0-50 (साफ), 51-100 (संतोषजनक), 101-200 (मध्यम), 201-300 (खराब), 301-400 (बेहद खराब), 401-500 (गंभीर)। बेहद खराब स्तर स्वास्थ्य को स्थायी नुकसान पहुंचा सकता है, जबकि गंभीर स्वस्थ लोगों को भी प्रभावित करता है। प्रदूषण में उतार-चढ़ाव जारी है, लेकिन ज्यादातर शहरों में स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
