भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज सुबह, 23 सितंबर 2025 को जारी ताजा अपडेट में बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून ने गुजरात, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के कई हिस्सों से विदाई ले ली है।
अगले दो दिनों में दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों से भी मानसून के विदा होने की संभावना है। इस बीच, बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसमी गतिविधियों के कारण देश के कई हिस्सों में भारी बारिश, आंधी-तूफान और बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
मानसून की विदाई
मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून ने गुजरात, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के कई इलाकों से वापसी शुरू कर दी है।
अगले 48 घंटों में उत्तर-पश्चिम भारत के अन्य हिस्सों, जैसे दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर से भी मानसून की विदाई संभव है। यह उत्तर भारत में शुष्क मौसम की शुरुआत का संकेत है।
बंगाल की खाड़ी में दबाव
बंगाल की खाड़ी में मौसमी गतिविधियां सक्रिय हैं। उत्तर खाड़ी में पहले से मौजूद कम दबाव का क्षेत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने 25 सितंबर तक एक नया दबाव क्षेत्र बनने की संभावना जताई है, जो 27 सितंबर तक गहरे दबाव (डिप्रेशन) में बदल सकता है।
यह डिप्रेशन दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तटों से टकरा सकता है। साथ ही, देश के विभिन्न हिस्सों में ऊपरी हवाओं का चक्रवाती प्रसार भी बना हुआ है।
भारी बारिश का अलर्ट
पश्चिम बंगाल के गंगा तटवर्ती इलाकों और ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इन क्षेत्रों में 115.6 से 204.4 मिमी तक बारिश होने की संभावना के चलते ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
ॉइसके अलावा, असम, मेघालय, छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश, झारखंड, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, तेलंगाना और उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 64.5 से 115.5 मिमी बारिश की आशंका के साथ येलो अलर्ट जारी किया गया है।
देश के अन्य हिस्सों, जैसे द्वीप समूह, उत्तर-पूर्व, पूर्व, पश्चिम और मध्य भारत में गरज के साथ बारिश हो सकती है। दक्षिण भारत और पश्चिमी हिमालय के कुछ हिस्सों में भी गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।
आंधी-तूफान और वज्रपात का खतरा
आज, 23 सितंबर 2025 को अंडमान और निकोबार, तटीय आंध्र, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के गंगा तटवर्ती इलाकों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने और वज्रपात की आशंका है।
बिहार, झारखंड, आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और तेलंगाना में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने और बिजली गिरने का खतरा है।
असम, मेघालय, छत्तीसगढ़, पूर्वी राजस्थान, केरल, गोवा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और तमिलनाडु में भी गरज के साथ बौछारें और वज्रपात की संभावना है।
