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देशभर में भारी बारिश: पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड में बाढ़ और जलभराव का खतरा

by kishanchaubey
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नई दिल्ली, 14 जुलाई 2025: देश भर में मानसून अपने चरम पर है और मौसम विभाग ने 14 जुलाई, 2025 को अपने ताजा अपडेट में कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश और बाढ़ की चेतावनी जारी की है। उत्तरी मध्य प्रदेश और उत्तरी बंगाल की खाड़ी पर ऊपरी हवाओं के चक्रवाती प्रसार के कारण मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और उत्तरी ओडिशा के तटीय क्षेत्रों में कम दबाव का क्षेत्र बन गया है। इसके चलते कई राज्यों में भारी बारिश, बिजली गिरने और जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

राजस्थान में रेड अलर्ट

मौसम विभाग ने राजस्थान के लिए रेड अलर्ट जारी किया है, जहां 204.5 मिमी से अधिक बारिश की संभावना है। पूर्वी राजस्थान के अजमेर, बांसवाड़ा, बारां, बूंदी, चित्तौड़गढ़, दौसा, धौलपुर, झालावाड़, करौली, कोटा, प्रतापगढ़, सवाईमाधोपुर और उदयपुर जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अचानक बाढ़ और निचले इलाकों में जलभराव का खतरा है। पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर, नागौर और पाली जिलों में भी भारी बारिश और जलभराव की आशंका जताई गई है।

अन्य राज्यों में भारी बारिश का अनुमान

मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी इलाकों, गुजरात, झारखंड, ओडिशा और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 115.5 से 204.4 मिमी तक बारिश हो सकती है। इन राज्यों में बिजली गिरने और गरज के साथ भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। पश्चिम बंगाल के बांकुरा, मुर्सीदाबाद, नादिया, उत्तर 24 परगना, पश्चिम मेदिनीपुर और पुरुलिया जिलों में जलभराव और अचानक बाढ़ का खतरा है।

झारखंड के बोकारो, पूर्वी सिंहभूम, गढ़वा, गुमला, खूंटी, लातेहार, लोहरदगा, रामगढ़, रांची, सरायकेला, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम जिलों में भी भारी बारिश के कारण जलभराव और बाढ़ की आशंका है। ओडिशा के देवगढ़, केंदुझार, मयूरभंज, संबलपुर और सुंदरगढ़ जिलों में भी यही स्थिति बन सकती है।

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हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद और उत्तराखंड में 64.5 से 115.5 मिमी बारिश के साथ गरज और बिजली गिरने की संभावना है। इसके अलावा, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, छत्तीसगढ़, तटीय कर्नाटक, पूर्वी मध्य प्रदेश, केरल, माहे, कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, सौराष्ट्र, कच्छ, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी भारी बारिश और बिजली कड़कने की चेतावनी है।

छत्तीसगढ़ में बाढ़ का खतरा

छत्तीसगढ़ के बलरामपुर, जशपुर, कोरिया और सरगुजा जिलों में अगले 24 घंटों में भारी बारिश के कारण जलभराव और अचानक बाढ़ का अंदेशा है। पश्चिमी मध्य प्रदेश के आगर-मालवा, अशोकनगर, गुना, मंदसौर, नीमच, रायसेन, राजगढ़, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी और उज्जैन जिलों में भी यही स्थिति बन सकती है।

तापमान और पिछले दिन की बारिश

13 जुलाई, 2025 को तमिलनाडु के मदुरै में अधिकतम तापमान 40.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि मध्य प्रदेश के श्योपुर में न्यूनतम तापमान 0.0 डिग्री सेल्सियस रहा। पिछले दिन कोंकण और गोवा, केरल, तटीय कर्नाटक, पश्चिम बंगाल के गंगा तटीय इलाकों, पश्चिमी मध्य प्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, ओडिशा, मध्य महाराष्ट्र, पूर्वी राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, सौराष्ट्र और गुजरात में बारिश हुई।

कहां कितनी बारिश?

13 जुलाई को पूर्वी राजस्थान के कोटा में 6 सेमी, अजमेर में 5 सेमी, तटीय आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में 6 सेमी, पश्चिम मध्य प्रदेश के गुना में 5 सेमी, श्योपुर में 3 सेमी, पश्चिम बंगाल के कोलकाता-हावड़ा-उलूबेरिया में 5 सेमी, बर्दवान, बरहामपुर और हल्दिया में 3 सेमी बारिश दर्ज की गई।

इसके अलावा, तटीय कर्नाटक के कारवार, ओडिशा के पारादीप बंदरगाह, छत्तीसगढ़ के पेंड्रा रोड, कोंकण और गोवा के माथेरान, और अंडमान और निकोबार के मायाबंदर में भी 3-4 सेमी बारिश हुई।

सावधानी और सतर्कता

मौसम विभाग ने लोगों से निचले इलाकों में सावधानी बरतने, जलभराव वाले क्षेत्रों से बचने और बिजली गिरने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। स्थानीय प्रशासन को बाढ़ और जलभराव से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

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