Air Pollution News : 9 जनवरी 2026 को भारत में वायु प्रदूषण ने एक बार फिर खतरनाक स्तर छुआ। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, गुरुग्राम में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 373 दर्ज किया गया, जो देश में सबसे ऊंचा रहा। यह स्तर ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की सुरक्षित सीमा से लगभग 2,300% अधिक है। यहां PM2.5 महीन कणों का प्रभुत्व रहा, जिससे स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा हो गया।
कल (8 जनवरी) यहां AQI 290 था, यानी एक दिन में 83 अंकों का भारी उछाल आया और स्थिति ‘खराब’ से ‘बेहद खराब’ हो गई।दिल्ली में भी प्रदूषण बढ़ा, जहां AQI कल के 280 से 65 अंकों की वृद्धि के साथ 345 पर पहुंच गया। यह भी ‘बेहद खराब’ कैटेगरी में है और WHO मानकों से 2,100% अधिक प्रदूषित है।
NCR के अन्य शहरों में नोएडा (365) दूसरे, ग्रेटर नोएडा (364) तीसरे, धारूहेड़ा (348) चौथे और गाजियाबाद (347) पांचवें स्थान पर रहे। दिल्ली छठे स्थान पर है। फरीदाबाद में AQI 174 दर्ज हुआ, जो अपेक्षाकृत बेहतर है।
देश के 245 शहरों के विश्लेषण में केवल 2.9% (करीब 7 शहर) में हवा साफ रही, जैसे दमोह (AQI 22) जहां सबसे स्वच्छ हवा दर्ज हुई। 29.8% शहरों में स्थिति संतोषजनक, जबकि 67.3% में चिंताजनक है। कल से बेहद खराब श्रेणी के शहरों में 700% की वृद्धि हुई, जबकि साफ हवा वाले शहरों में 13% की गिरावट आई।प्रदूषण मुख्य रूप से PM2.5 और PM10 से है, कई शहरों में कार्बन और ओजोन भी समस्या बने हुए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि ठंड, कोहरा और उत्सर्जन स्रोत (वाहन, उद्योग, पराली) इसे बढ़ा रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि ‘बेहद खराब’ AQI लंबे समय तक फेफड़ों, हृदय और अन्य बीमारियों का कारण बन सकता है। लोगों को मास्क पहनने, बाहर निकलने से बचने और घर में एयर प्यूरीफायर इस्तेमाल करने की सलाह दी जा रही है।
