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ग्रेटर नोएडा की हवा देश में सबसे प्रदूषित, दिल्ली में भी बढ़ा प्रदूषण का स्तर

by kishanchaubey
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नई दिल्ली, 14 अगस्त 2025: देश में आज ग्रेटर नोएडा की हवा सबसे ज्यादा प्रदूषित रही, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 188 दर्ज किया गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, ग्रेटर नोएडा में प्रदूषण के महीन कण (PM10) हावी रहे, और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मानकों के मुताबिक प्रदूषण का स्तर 318% अधिक है।

यह स्तर लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। कल बिहार के औरंगाबाद में AQI 217 के साथ सबसे खराब स्थिति थी, लेकिन आज 48 अंकों के सुधार के साथ यह मध्यम श्रेणी में आ गया। दूसरी ओर, दिल्ली में प्रदूषण का स्तर बढ़ा है, जहां AQI 26 अंकों की उछाल के साथ 120 पर पहुंच गया, जो मध्यम श्रेणी में है।

शिलांग में आज देश की सबसे साफ हवा रही, जहां AQI महज 12 दर्ज किया गया, जो दिल्ली की तुलना में नौ गुना बेहतर है।CPCB के 13 अगस्त के आंकड़ों के मुताबिक, देश के 44% शहरों में हवा साफ, 46% में संतोषजनक, और 10% शहरों में चिंताजनक स्थिति है।

देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में लुधियाना (AQI 171), औरंगाबाद (बिहार, 169), धौलपुर (151), बुलंदशहर (149), कोरबा (143), नोएडा (141), श्रीगंगानगर (139), गाजियाबाद (136), और दिल्ली (120) शामिल हैं।विश्लेषण में पाया गया कि लुधियाना, धौलपुर, श्रीगंगानगर जैसे शहरों में PM2.5 और ग्रेटर नोएडा, औरंगाबाद (बिहार), बुलंदशहर, नोएडा, गाजियाबाद में PM10 प्रदूषण का मुख्य कारण है। दिल्ली और राजसमंद में ओजोन की मात्रा अधिक पाई गई।

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साफ हवा वाले शहर: रामनगर सहित 98 शहरों में हवा साफ रही, जिनमें भिलाई, बेंगलुरु, देहरादून, गुवाहाटी, इंदौर, मुंबई (AQI 47), और शिलांग शामिल हैं। साफ हवा वाले शहरों की संख्या में कल से 9% की वृद्धि हुई है।

संतोषजनक हवा वाले शहर: 104 शहरों जैसे जयपुर (AQI 81), लखनऊ (74), पटना (65), कोलकाता, और कानपुर में हवा संतोषजनक रही, लेकिन इनकी संख्या में 17% की कमी आई।

मध्यम श्रेणी के शहर: दिल्ली, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, लुधियाना सहित 22 शहरों में AQI 101-200 के बीच रहा, जिनकी संख्या में 83% की वृद्धि हुई।

चिंताजनक स्थिति: ग्रेटर नोएडा में AQI 200 के करीब पहुंचा, जो देश में सबसे खराब है। दिल्ली में पिछले चार महीनों (जनवरी-अप्रैल 2025) में एक भी दिन साफ हवा नहीं रही। नवंबर 2024 में आठ दिन और दिसंबर 2024 में छह दिन दिल्ली में AQI ‘गंभीर’ श्रेणी में था।

वायु गुणवत्ता सूचकांक का अर्थ:

0-50: बेहतर (साफ हवा)

51-100: संतोषजनक

101-200: मध्यम

201-300: खराब

301-400: बहुत खराब

401-500: गंभीर (स्वस्थ लोगों के लिए भी खतरनाक)

प्रदूषण का यह उतार-चढ़ाव स्वास्थ्य के लिए चुनौती बना हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि PM2.5, PM10, और ओजोन जैसे प्रदूषकों के कारण सांस संबंधी बीमारियां बढ़ सकती हैं। सरकार और नागरिकों को मिलकर प्रदूषण नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है।

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