भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने चेतावनी जारी की है कि बंगाल की खाड़ी में बना गहरा दबाव अगले 24 घंटों में भीषण चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ में बदल सकता है। यह तूफान 28 अक्टूबर की शाम या रात को आंध्र प्रदेश के काकीनाडा तट पर मछलीपट्टनम और कलिंगपटनम के बीच टकरा सकता है, जहां हवाओं की गति 90-110 किमी प्रति घंटे तक हो सकती है।
तटीय इलाकों में मूसलाधार बारिश, तेज हवाएं और ऊंची समुद्री लहरों का अंदेशा है।आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, ओडिशा, कर्नाटक, गुजरात और राजस्थान में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी है। आंध्र के तटीय इलाकों में 204.5 मिमी से अधिक बारिश के लिए रेड अलर्ट जारी है, जबकि कर्नाटक, तमिलनाडु, गुजरात और राजस्थान में 115.6-204.4 मिमी बारिश हो सकती है।
गुजरात के सौराष्ट्र-कच्छ, राजस्थान के बांसवाड़ा, आंध्र के नेल्लोर और तमिलनाडु के चेन्नई में अचानक बाढ़ का खतरा है। अरब सागर में भी एक डिप्रेशन सक्रिय है, जो गुजरात और राजस्थान में भारी बारिश का कारण बन सकता है।
उत्तराखंड में पश्चिमी विक्षोभ के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में ठंड बढ़ी है, और देवताल झील जमने लगी है। दिल्ली में आज हल्की बारिश की संभावना है, लेकिन वायु गुणवत्ता ‘बेहद खराब’ बनी हुई है।
प्रशासन को सतर्क रहने और राहत दलों को तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और अफवाहों से बचने की अपील की गई है। यह तूफान इस मौसम का सबसे बड़ा खतरा बन सकता है, हालांकि सूखाग्रस्त क्षेत्रों के लिए बारिश राहत भी ला सकती है। (शब्द: 300)
