environmentalstory

Home » चरखी दादरी बना देश का सबसे प्रदूषित शहर, AQI 264; शिलांग में सबसे साफ हवा

चरखी दादरी बना देश का सबसे प्रदूषित शहर, AQI 264; शिलांग में सबसे साफ हवा

by kishanchaubey
0 comment

08 फरवरी 2026 को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों से पता चला है कि हरियाणा का चरखी दादरी देश का सबसे प्रदूषित शहर बना हुआ है। यहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 264 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। इससे पहले 07 फरवरी को AQI 266 था, यानी 24 घंटों में मामूली सुधार हुआ। शहर की हवा में PM2.5 कणों की अधिकता है, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है। प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की सुरक्षित सीमा से 1,600 प्रतिशत अधिक है।

इसके विपरीत, मेघालय की राजधानी शिलांग में AQI मात्र 33 रिकॉर्ड किया गया, जो देश में सबसे साफ हवा दर्शाता है। चरखी दादरी की तुलना में शिलांग की स्थिति आठ गुना बेहतर है। दिल्ली में प्रदूषण में गिरावट आई, जहां AQI 227 से घटकर 189 पर पहुंच गया, जो ‘मध्यम’ श्रेणी में है। फरीदाबाद में AQI 147 (-13) रहा, जो संतोषजनक सुधार दिखाता है।

231 शहरों के विश्लेषण से पता चला कि केवल 5.6 प्रतिशत (13 शहर) में हवा ‘बेहतर’ (AQI 0-50) है, जैसे शिलांग, अगरतला और श्रीनगर। 34.2 प्रतिशत (79 शहर) में ‘संतोषजनक’ (51-100), जबकि 60.2 प्रतिशत में स्थिति चिंताजनक है। कल से साफ हवा वाले शहरों में 7.1 प्रतिशत गिरावट आई, जबकि खराब श्रेणी में 12.5 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई।

टॉप प्रदूषित शहरों में भिवानी (259) दूसरे, मंडीदीप (249) तीसरे, कटक (223) चौथे, हाजीपुर (221) पांचवें और मंडी गोबिंदगढ़ (219) छठे स्थान पर हैं। पीथमपुर (219), नांदेड़ (215), गुरुग्राम (214) और उज्जैन (198) भी शामिल हैं। मध्य प्रदेश और हरियाणा से तीन-तीन शहर टॉप-10 में हैं। कई शहरों में PM2.5 प्रमुख प्रदूषक है, जैसे गाजियाबाद, जयपुर और कोलकाता, जबकि अन्य में PM10, जैसे पटना और मुंबई।

banner

प्रमुख शहरों के AQI: मुंबई (117), लखनऊ (106), चेन्नई (148), चंडीगढ़ (74), हैदराबाद (94), जयपुर (179), पटना (117), ग्वालियर (98), गुवाहाटी (141), नोएडा (160)।

AQI क्या दर्शाता है? 0-50: बेहतर; 51-100: संतोषजनक; 101-200: मध्यम; 201-300: खराब; 301-400: बेहद खराब; 401-500: गंभीर। खराब हवा स्वास्थ्य को लंबे समय तक नुकसान पहुंचा सकती है, खासकर बीमारों के लिए। प्रदूषण में उतार-चढ़ाव जारी है, लेकिन ज्यादातर शहरों में स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

You may also like