environmentalstory

Home » अंगुल में सबसे अधिक वायु प्रदूषण, श्रीनगर की हवा सबसे साफ: 29 जनवरी की रिपोर्ट

अंगुल में सबसे अधिक वायु प्रदूषण, श्रीनगर की हवा सबसे साफ: 29 जनवरी की रिपोर्ट

by kishanchaubey
0 comment

देश में वायु प्रदूषण की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के 29 जनवरी 2026 के आंकड़ों के अनुसार, ओडिशा के अंगुल शहर में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 310 दर्ज किया गया, जो सबसे अधिक प्रदूषित है। यहां ओजोन की मात्रा हावी है, और प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की सुरक्षित सीमा से 400% अधिक है, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है।

बालासोर में AQI 301 के साथ दूसरा स्थान है, जबकि गुम्मिडीपूंडी (281), गाजियाबाद (272), सुआकाती (272), सिंगरौली (267), बिलीपाड़ा (257), बूंदी (256), टोंक (254) और कटक (253) टॉप 10 सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल हैं। ओडिशा के चार शहर इस सूची में हैं।

कल की तुलना में अंगुल में AQI में 5 अंकों का सुधार आया (कल 315 था), जबकि सिंगरौली में 96 अंकों की बड़ी गिरावट के साथ 267 पर पहुंचा (कल 363 था)। दिल्ली में भी प्रदूषण कम हुआ, जहां AQI 226 (-29) दर्ज किया गया, लेकिन अभी भी खराब श्रेणी में है। फरीदाबाद में 129 (-7) के साथ मध्यम स्तर है।

242 शहरों के विश्लेषण से पता चला कि मात्र 5.8% (14 शहर) में हवा साफ (AQI 0-50) है, जैसे श्रीनगर (30), अंबाला, गंगटोक आदि। 40.1% (97 शहर) में संतोषजनक (51-100), जैसे मुंबई (94), लखनऊ (89), हैदराबाद (88)। 54.1% में चिंताजनक: 103 शहरों में मध्यम (101-200), जैसे चेन्नई (140), पटना (103); 26 शहरों में खराब (201-300), जैसे दिल्ली, गुरुग्राम (232), नोएडा (247); और 2 शहरों में बेहद खराब (301-400), जैसे अंगुल-बालासोर।

banner

कल से साफ हवा वाले शहरों में 6.7% गिरावट, संतोषजनक में 2% कमी, जबकि मध्यम में 4% और खराब में 36.8% बढ़ोतरी हुई। बेहद खराब में 60% कमी राहत की बात है।

AQI क्या दर्शाता है? 0-50: साफ; 51-100: संतोषजनक; 101-200: मध्यम; 201-300: खराब; 301-400: बेहद खराब (स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान); 401-500: गंभीर (जानलेवा)। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदूषण में उतार-चढ़ाव जारी है, लेकिन ज्यादातर शहरों में स्थिति चिंताजनक है। सरकार को सख्त कदम उठाने की जरूरत है।

You may also like