भारत में वायु गुणवत्ता में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के 12 सितंबर 2025 के आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि देश के 234 शहरों में से 33.3% शहरों में हवा साफ है, जबकि 59.6% में स्थिति संतोषजनक बनी हुई है।
हालांकि, करीब 8.1% शहरों में हालात अभी भी चिंताजनक हैं। कल से प्रदूषित शहरों की संख्या में 10% की गिरावट आई है, वहीं साफ हवा वाले शहरों में 14% से अधिक का इजाफा हुआ है। यह सुधार मानसून के अंतिम चरण और मौसमी बदलावों का परिणाम माना जा रहा है।
वायु गुणवत्ता का समग्र परिदृश्य
सीपीसीबी के अनुसार, आज देश के 78 शहरों (कुल का 33.3%) में हवा ‘बेहतर’ (AQI 0-50) श्रेणी में है, जो कल की तुलना में 14.7% अधिक है। 137 शहरों (59.6%) में वायु गुणवत्ता ‘संतोषजनक’ (AQI 51-100) है, जो 11 सितंबर के 134 शहरों से बढ़कर अब यह संख्या पहुंच गई है।
वहीं, 19 शहरों (8.1%) में AQI ‘मध्यम’ (101-200) श्रेणी में है, जो कल से 10% की कमी दर्शाता है। कुल मिलाकर, ज्यादातर शहरों में हवा संतोषजनक स्तर पर है, लेकिन कुछ औद्योगिक क्षेत्रों में प्रदूषण की समस्या बरकरार है।
कल से प्रदूषित शहरों में 10% गिरावट और साफ हवा वाले शहरों में 15% इजाफा एक राहत की खबर है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मानकों के अनुसार, कई शहरों में PM2.5 का स्तर अभी भी सुरक्षित सीमा से कहीं अधिक है, जो स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर रहा है।
प्रमुख शहरों की स्थिति
कुछ प्रमुख शहरों के AQI इस प्रकार हैं:
- मुंबई: 55 (संतोषजनक)
- लखनऊ: 90 (संतोषजनक)
- चेन्नई: 79 (संतोषजनक)
- चंडीगढ़: 50 (बेहतर)
- हैदराबाद: 63 (संतोषजनक)
- जयपुर: 88 (संतोषजनक)
- पटना: 79 (संतोषजनक)
- ग्वालियर: 66 (संतोषजनक)
- गुवाहाटी: 70 (संतोषजनक)
- गुरूग्राम: 87 (संतोषजनक)
- नोएडा: 104 (मध्यम)
दिल्ली में कल से प्रदूषण बढ़ा है, AQI 14 अंकों के उछाल के साथ 108 हो गया, जो संतोषजनक से मध्यम श्रेणी में पहुंच गया है। फरीदाबाद के आंकड़े आज उपलब्ध नहीं हैं।
पिछले कुछ महीनों में जून, जुलाई और अगस्त में दिल्ली की हवा ज्यादातर संतोषजनक रही, लेकिन जनवरी से अप्रैल 2025 में कोई दिन साफ नहीं रहा। नवंबर 2024 और दिसंबर 2024 में कई दिनों में AQI ‘गंभीर’ (401-500) रहा, जब सांस लेना मुश्किल हो गया था।
