World Environment Day 2025: हर साल 5 जून को मनाया जाने वाला विश्व पर्यावरण दिवस प्रकृति और पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा के लिए वैश्विक प्रयास है। इस साल की थीम “प्लास्टिक प्रदूषण को खत्म करना” पर्यावरणीय संकट के प्रति जागरूकता और सामूहिक कार्रवाई पर जोर देती है। संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) के नेतृत्व में 1973 से आयोजित यह दिवस पर्यावरण जागरूकता का सबसे बड़ा मंच है।
प्लास्टिक प्रदूषण: वैश्विक संकट
प्लास्टिक प्रदूषण ने ग्रह के हर कोने को प्रभावित किया है, जो माइक्रोप्लास्टिक के रूप में मानव शरीर तक पहुंच चुका है। यूएनईपी के अनुसार, हर दिन 2,000 से अधिक प्लास्टिक से भरे ट्रक महासागरों, नदियों और झीलों में फेंके जाते हैं। हर साल 1.9 से 2.3 करोड़ टन प्लास्टिक कचरा जलीय पारिस्थितिकी तंत्र में पहुंचता है, जिससे जलवायु परिवर्तन का सामना करने की क्षमता कमजोर होती है और आजीविका, खाद्य उत्पादन व सामाजिक कल्याण प्रभावित होता है।
भारत में गंभीर स्थिति
सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट (सीएसई) और डाउन टू अर्थ की “स्टेट ऑफ इंडियाज एनवायरमेंट इन फिगर्स 2025” रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में प्रतिवर्ष 34 लाख टन से अधिक प्लास्टिक कचरा उत्पन्न होता है, जिसमें से अधिकांश सिंगल-यूज प्लास्टिक जैसे बैग, रैपर और पैकेजिंग से आता है। 2022-23 में यह आंकड़ा 41.4 लाख टन तक पहुंचा, जो 2018-19 की तुलना में 15 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 50% से अधिक की वृद्धि दर्शाता है। प्रतिबंधों के बावजूद, प्लास्टिक कचरा बाजारों, नालियों और महासागरों में फैल रहा है।
पर्यावरण संरक्षण के लिए कदम
- सिंगल-यूज प्लास्टिक से परहेज: कपड़े के बैग, धातु या बांस के स्ट्रॉ अपनाएं।
- रीसाइक्लिंग: कागज, प्लास्टिक, कांच और धातुओं को रीसाइकल कर प्राकृतिक संसाधनों की बचत करें।
- खाद बनाएं: जैविक कचरे से खाद बनाकर उर्वरक तैयार करें।
- भोजन की बर्बादी रोकें: भोजन की योजना बनाकर मीथेन उत्सर्जन कम करें।
- ऊर्जा संरक्षण: अनावश्यक बिजली खपत रोकने के लिए लाइट, पंखे और चार्जर बंद करें।
- सार्वजनिक परिवहन: बस, मेट्रो, कारपूलिंग या इलेक्ट्रिक वाहनों से कार्बन उत्सर्जन कम करें।
- जल संरक्षण: नल बंद करें, लीकेज ठीक करें और पानी का दुरुपयोग रोकें।
दक्षिण कोरिया में मेजबानी
विश्व पर्यावरण दिवस 2025 की मेजबानी दक्षिण कोरिया के जेजू प्रांत में हो रही है, जो पर्यावरणीय पहलों और टिकाऊ जीवनशैली के लिए प्रसिद्ध है। जेजू ने 2040 तक प्लास्टिक खत्म करने का लक्ष्य रखा है, जिसमें रीसाइक्लिंग, इको-पर्यटन और कचरे को स्रोत पर अलग करना अनिवार्य है।
क्या हम बदलाव ला सकते हैं?
विश्व पर्यावरण दिवस 2025 हमें स्वच्छ और संतुलित पारिस्थितिकी तंत्र की आवश्यकता की याद दिलाता है। प्लास्टिक प्रदूषण को खत्म करने के लिए व्यक्तिगत और सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। छोटे कदम, जैसे सिंगल-यूज प्लास्टिक को न कहना और टिकाऊ विकल्प अपनाना, ग्रह को बचाने में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। क्या हम इस चुनौती को स्वीकार करेंगे?
