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भारत में मौसम का ताजा अपडेट: पश्चिमी विक्षोभ का असर, बारिश, तूफान और तापमान में बदलाव

by kishanchaubey
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Weather Update: मौसम विभाग के अनुसार, एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी ईरान और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय है। यह मध्य और ऊपरी वायुमंडल में चक्रवाती हलचल पैदा कर रहा है। इसके प्रभाव से 18 और 19 अप्रैल, 2025 को देश के कई हिस्सों में मौसम में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। आइए, जानते हैं कि अगले कुछ दिनों में मौसम का मिजाज कैसा रहेगा।

पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश और बर्फबारी की संभावना

पश्चिमी विक्षोभ के कारण पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में मौसम काफी सक्रिय रहेगा। 18 और 19 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश होने की संभावना है। ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी भी हो सकती है। इन राज्यों में कुछ स्थानों पर 70 मिमी या उससे अधिक बारिश दर्ज की जा सकती है।

उत्तराखंड में भी 18 अप्रैल को अलग-अलग हिस्सों में तेज हवाओं (40-50 किमी प्रति घंटे) के साथ बिजली गिरने, बारिश और ऊंची चोटियों पर बर्फबारी की आशंका है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इन क्षेत्रों में ओलावृष्टि और तूफानी हवाएं (50-60 किमी प्रति घंटे तक) भी चल सकती हैं।

मैदानी इलाकों में आंधी-तूफान और बारिश

पश्चिमी विक्षोभ का असर उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में भी दिखेगा। 18 से 20 अप्रैल के दौरान पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाओं (40-50 किमी प्रति घंटे) के साथ बारिश, बिजली गिरने और आंधी-तूफान की संभावना है।

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पश्चिमी राजस्थान में 18 और 19 अप्रैल को 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जो कुछ जगहों पर 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। इन हवाओं के साथ धूल भरी आंधी (Dust Storm) चलने की भी आशंका है, जिससे दृश्यता कम हो सकती है।

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश

देश के पूर्वी और पूर्वोत्तर राज्यों में भी मौसम सक्रिय रहेगा। चक्रवाती हलचल और हवाओं के ट्रफ के कारण बिहार, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में तेज हवाओं के साथ बारिश और बिजली गिरने की संभावना है।

18 अप्रैल को पश्चिम बंगाल के गंगा तटीय इलाकों, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश (70 मिमी या अधिक) हो सकती है। इन क्षेत्रों में बादल गरजने और बौछारें पड़ने की भी आशंका है।

दक्षिण भारत में मौसमी हलचल

दक्षिण भारत में भी मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। 18 अप्रैल को उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, केरल, माहे, तेलंगाना, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और तटीय कर्नाटक के कुछ हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बारिश, बिजली गिरने और बौछारों की संभावना है। इन राज्यों में मौसम स्थानीय स्तर पर सक्रिय रहेगा।

तापमान में उतार-चढ़ाव

मौसम विभाग ने तापमान को लेकर भी अनुमान जारी किया है:

  • उत्तर-पश्चिम भारत: अगले 24 घंटों में अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। अगले दो दिनों में 2-4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट और उसके बाद दो दिनों में 2-3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है।
  • मध्य भारत: अगले चार दिनों में अधिकतम तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी की संभावना है।
  • पूर्वी भारत: अगले दो दिनों में तापमान स्थिर रहेगा, लेकिन उसके बाद चार दिनों में 2-4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है।
  • गुजरात: अगले तीन दिनों में तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की कमी और उसके बाद तीन दिनों में 2-4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होगी।

17 अप्रैल को पश्चिम राजस्थान के बीकानेर में अधिकतम तापमान 45.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो देश में सबसे गर्म रहा। वहीं, मैदानी इलाकों में पूर्वी उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में न्यूनतम तापमान 16.2 डिग्री सेल्सियस रहा।

हीटवेव और गर्म-उमस भरा मौसम

पश्चिमी राजस्थान में पिछले कुछ दिनों से लू (Heatwave) चल रही है। 18 अप्रैल को भी राजस्थान के कई हिस्सों में गर्म हवाएं चलेंगी, जिससे लोगों को राहत मिलने की उम्मीद कम है।

18 से 21 अप्रैल के दौरान मराठवाड़ा और मध्य महाराष्ट्र में गर्म और उमस भरा मौसम बना रहेगा। इन क्षेत्रों में लोगों को गर्मी और उमस से परेशानी हो सकती है।

कल कहां हुई बारिश?

17 अप्रैल को देश के कई हिस्सों में बारिश और बौछारें दर्ज की गईं। इनमें शामिल हैं:

  • असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा
  • पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, छत्तीसगढ़, पूर्वी उत्तर प्रदेश
  • तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह

बारिश का आंकड़ा (17 अप्रैल):

  • पश्चिम बंगाल: बैरकपुर (5 सेमी), बांकुरा और दीघा (2-2 सेमी)
  • मेघालय: शिलांग (3 सेमी), बारापानी (1 सेमी)

मौसम से जुड़ी सावधानियां

मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। खासकर पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और बाढ़ का खतरा हो सकता है। मैदानी इलाकों में बिजली गिरने और तेज हवाओं से बचाव के लिए खुले मैदानों से दूर रहें। धूल भरी आंधी के दौरान मास्क का उपयोग करें और घरों में रहने की कोशिश करें।

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