Breast Cancer: दुनिया भर में स्तन कैंसर महिलाओं के लिए एक गंभीर स्वास्थ्य संकट बनता जा रहा है। हर साल लाखों महिलाएं इस घातक बीमारी का शिकार हो रही हैं। हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की विशेष शाखा इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर (IARC) द्वारा किए गए एक अध्ययन में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं।
स्तन कैंसर से होने वाली मौतों के खतरनाक आंकड़े
- 2022 में 23 लाख नए मामले दर्ज किए गए।
- इसी साल 670,000 महिलाओं की इस बीमारी के कारण मौत हो गई।
- यानी हर घंटे औसतन 76 महिलाएं स्तन कैंसर से अपनी जान गंवा रही हैं।
- हर 20 में से 1 महिला को जीवन में कभी न कभी स्तन कैंसर हो सकता है।
- हर 70 में से 1 महिला की मौत स्तन कैंसर से हो सकती है।
2050 तक और बिगड़ सकते हैं हालात
- वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 2050 तक स्तन कैंसर के मामलों में 38% की वृद्धि होगी।
- सालाना 32 लाख नए मामले सामने आ सकते हैं।
- स्तन कैंसर से होने वाली मौतें 68% बढ़कर 11 लाख तक पहुंच सकती हैं।
- भारत समेत अन्य विकासशील देशों पर इसका सबसे अधिक प्रभाव पड़ेगा।
स्तन कैंसर से सबसे ज्यादा प्रभावित देश
रिपोर्ट में बताया गया है कि:
- सबसे ज्यादा मामले: ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, उत्तरी अमेरिका और उत्तरी यूरोप में दर्ज किए गए।
- सबसे कम मामले: दक्षिण-मध्य एशिया और अफ्रीका के कुछ हिस्सों में पाए गए।
- स्तन कैंसर होने का सबसे ज्यादा जोखिम:
- फ्रांस: हर 9 में से 1 महिला को स्तन कैंसर हो सकता है।
- उत्तरी अमेरिका: हर 10 में से 1 महिला को यह बीमारी हो सकती है।
- स्तन कैंसर से मृत्यु का सबसे ज्यादा जोखिम:
- फिजी: हर 24 में से 1 महिला
- अफ्रीका: हर 47 में से 1 महिला
किन कारणों से बढ़ रहा स्तन कैंसर?
स्तन कैंसर के बढ़ते मामलों के पीछे कई कारण हैं:
- अस्वस्थ जीवनशैली – शारीरिक गतिविधियों में कमी, मोटापा और गलत खान-पान।
- शराब और तंबाकू का सेवन – यह स्तन कैंसर के खतरे को बढ़ा सकता है।
- देर से बच्चे पैदा करना और स्तनपान न कराना – हार्मोनल असंतुलन के कारण कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।
- जेनेटिक कारण – परिवार में पहले किसी को स्तन कैंसर हुआ हो तो जोखिम अधिक होता है।
- तनाव और मानसिक स्वास्थ्य – तनाव से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है।
कमजोर देशों में स्तन कैंसर से अधिक मौतें क्यों?
रिपोर्ट में यह पाया गया कि कम और मध्यम आय वाले देशों में स्तन कैंसर से मौतों का खतरा ज्यादा है। इसके पीछे कई कारण हैं:
- समय पर जांच और इलाज की कमी – गरीब देशों में महिलाएं समय पर स्क्रीनिंग नहीं करवा पातीं।
- सस्ती और प्रभावी चिकित्सा की अनुपलब्धता – समृद्ध देशों में जहां 83% मरीज बच जाते हैं, वहीं गरीब देशों में आधे से ज्यादा महिलाएं इस बीमारी से मर जाती हैं।
- स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी – अफ्रीका, मेलानेशिया और पोलिनेशिया जैसे इलाकों में स्तन कैंसर से मृत्यु दर सबसे अधिक है।
- 50 साल से कम उम्र की महिलाओं में खतरा अधिक – कमजोर देशों में इस उम्र की महिलाओं की मृत्यु का खतरा समृद्ध देशों की तुलना में चार गुना अधिक है।
स्तन कैंसर से बचाव और इलाज के उपाय
कैसे करें समय पर पहचान?
- नियमित रूप से स्तन की स्वयं जांच करें।
- 40 साल से ऊपर की महिलाओं को हर साल मैमोग्राफी (X-ray) करवानी चाहिए।
- यदि कोई गांठ महसूस हो, स्तन में असामान्य दर्द हो या आकार में बदलाव दिखे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
स्तन कैंसर से बचने के आसान तरीके:
✔ संतुलित आहार लें – हरी सब्जियां, फल, नट्स और फाइबर युक्त भोजन खाएं।
✔ नियमित व्यायाम करें – प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट तक टहलें या योग करें।
✔ शराब और तंबाकू से दूर रहें।
✔ स्तनपान कराएं – यह स्तन कैंसर के खतरे को कम करता है।
✔ तनाव को नियंत्रित करें – मेडिटेशन और सकारात्मक सोच अपनाएं।
WHO की स्तन कैंसर रोकथाम योजना
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 2021 में ‘ग्लोबल ब्रेस्ट कैंसर इनिशिएटिव (GBCI)’ लॉन्च किया था। इसका लक्ष्य:
- 2040 तक स्तन कैंसर से होने वाली मौतों को 2.5% प्रति वर्ष कम करना।
- 25 लाख महिलाओं की जान बचाना।
- कम और मध्यम आय वाले देशों में इलाज की सुविधाएं बढ़ाना।