कई लोग चिकन खाने के बाद उसके पंजों को बेकार समझकर फेंक देते हैं, लेकिन ये असल में पोषण का खजाना हैं। दुनिया भर में चिकन फुट्स (चिकन पंजे) की भारी मांग है और ये महंगे दामों पर बिकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, चिकन के पंजे कोलेजन से भरपूर होते हैं जो त्वचा, जोड़ों और हड्डियों के लिए बेहद फायदेमंद साबित होते हैं।
चिकन पंजों में लगभग 30-35 प्रतिशत कोलेजन होता है। उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कोलेजन की मात्रा स्वाभाविक रूप से घटती जाती है, जिससे झुर्रियां पड़ने लगती हैं और जोड़ों में दर्द शुरू हो जाता है। इन पंजों में मौजूद कोलेजन, जिलेटिन, ग्लाइसिन और प्रोलाइन शरीर के प्राकृतिक कोलेजन को पूरक बनाते हैं। नियमित सेवन से त्वचा की लचक बनी रहती है, झुर्रियां कम होती हैं और ऑस्टियोआर्थराइटिस जैसी समस्याओं में राहत मिलती है।
इसके अलावा चिकन पंजों में उच्च गुणवत्ता वाला प्रोटीन, विटामिन A, फोलेट, कैल्शियम और फॉस्फोरस भी भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। ये पोषक तत्व हड्डियों को मजबूत बनाते हैं, इम्यूनिटी बढ़ाते हैं और समग्र स्वास्थ्य सुधारते हैं।
सावधानियां और सही तरीका
हालांकि पंजे खाने से पहले कुछ जरूरी सावधानियां बरतनी चाहिए। सबसे पहले इन्हें अच्छी तरह साफ करें, बाहरी त्वचा हटाएं और अच्छे से पकाएं। कच्चा या अधपका न खाएं। सबसे अच्छा तरीका है इनका सूप या शोरबा बनाना। तलने या ज्यादा मसालेदार बनाने से बचें, क्योंकि इससे पोषक तत्व नष्ट हो सकते हैं।
एक्सपर्ट्स की सलाह है कि रोजाना 100-150 ग्राम सूप (लगभग 4-5 पंजे) पर्याप्त है। ज्यादा मात्रा में सेवन से बचें।
वैश्विक मांग और आर्थिक महत्व
सिंगापुर जैसे देशों में चिकन पंजे 276 रुपये प्रति किलो की दर से बिकते हैं। अमेरिका हर साल चीन को लाखों टन चिकन फुट एक्सपोर्ट करता है। भारत में भी धीरे-धीरे इनकी लोकप्रियता बढ़ रही है, खासकर स्वास्थ्य-conscious लोगों और ब्यूटी लवर्स में।
अगली बार जब आप चिकन खरीदने जाएं तो पंजे भी साथ ले आएं। स्वादिष्ट सूप, चमकदार त्वचा और मजबूत जोड़ों के लिए ये एक स्मार्ट और किफायती विकल्प साबित हो सकते हैं।
