भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 7 फरवरी, 2026 को जारी पूर्वानुमान में कहा है कि अगले दो दिनों तक उत्तर भारत समेत पूरे देश में मौसम शुष्क बना रहेगा। हालांकि, पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में 9 फरवरी से बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है। वर्तमान में उत्तरी पाकिस्तान के आसपास एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जो ऊपरी वातावरण में तेज हवाओं और बादलों की गतिविधि बढ़ा रहा है। 8 फरवरी की रात से एक नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालय को प्रभावित करेगा, जिससे मौसम में बदलाव आएगा।
9 से 11 फरवरी के बीच जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश या बर्फबारी हो सकती है। इससे पहाड़ी इलाकों में ठंड बढ़ेगी और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फ की चादर बिछ सकती है। हिमाचल प्रदेश में 8 फरवरी तक सुबह और रात में घना कोहरा छाया रहेगा, जिससे दृश्यता कम होगी और सड़कों पर दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ेगा। वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
इस मौसम परिवर्तन का असर यात्रा और यातायात पर पड़ेगा। हवाई अड्डों पर उड़ानों में देरी, सड़कों पर जाम और रेलों की गति धीमी हो सकती है। पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वालों को पूर्व सूचना लेनी चाहिए। घने कोहरे से बिजली लाइनें प्रभावित हो सकती हैं, जिससे ट्रिपिंग की समस्या आ सकती है। स्वास्थ्य के लिहाज से कोहरा हानिकारक है, क्योंकि इसमें धूल, धुआं और प्रदूषक कण सांस के साथ शरीर में प्रवेश कर फेफड़ों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
तापमान की बात करें तो उत्तर-पश्चिम भारत में फिलहाल न्यूनतम तापमान में कोई बदलाव नहीं होगा, लेकिन बाद में 2-4 डिग्री की बढ़ोतरी संभव है। मध्य भारत में तापमान स्थिर रहेगा, जबकि पूर्वी भारत में अगले 24 घंटों में हल्की गिरावट हो सकती है। महाराष्ट्र में भी तापमान थोड़ा कम होगा। 6 फरवरी को कर्नाटक के कारवार में अधिकतम तापमान 37.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जबकि पूर्वी राजस्थान के सीकर में न्यूनतम 4.5 डिग्री रहा।
दक्षिण भारत में कोमोरिन क्षेत्र में ऊपरी हवा में चक्रवाती प्रसार है, लेकिन लक्षद्वीप में यह कमजोर पड़ गया है। कोई बड़ा खतरा नहीं है। मौसम का यह बदलाव सतर्कता की मांग करता है। पहाड़ी निवासी और पर्यटक सावधानी बरतें, थोड़ी सतर्कता बड़े नुकसान से बचा सकती है।
