05 फरवरी 2026 को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों से पता चला है कि देश के 239 शहरों में वायु प्रदूषण की स्थिति गंभीर बनी हुई है। सबसे खराब हालात बल्लभगढ़ में हैं, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 302 दर्ज किया गया, जो विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की सुरक्षित सीमा से 500% अधिक है। यह बेहद खराब श्रेणी में आता है, जहां PM10 कण प्रमुख प्रदूषक हैं। कल (04 फरवरी) यहां AQI 370 तक पहुंच गया था, लेकिन आज गिरावट आई है। बल्लभगढ़ की तुलना में शिलांग की हवा सबसे साफ है, जहां AQI मात्र 26 है, यानी बल्लभगढ़ की स्थिति 11 गुना खराब।
देशभर में केवल 5.9% (14 शहरों) में हवा साफ (AQI 0-50) है, जैसे अगरतला, बागलकोट, किशनगंज, मदिकेरी, नागपट्टिनम, पंपोर, पेरुंदुरई, पुदुचेरी, पुदुकोट्टई, समस्तीपुर, शिलांग, श्रीनगर, तंजावुर और थूथुकुडी। 43.1% (103 शहरों) में स्थिति संतोषजनक (AQI 51-100) है, जिसमें चंडीगढ़, चेन्नई, धनबाद, हैदराबाद, इंदौर, लखनऊ, पटना आदि शामिल हैं। वहीं 51% शहरों में हालात चिंताजनक हैं, जिनमें 109 में मध्यम (101-200), 12 में खराब (201-300) और एक में बेहद खराब। कल से साफ हवा वाले शहरों में 27.3% वृद्धि हुई, जबकि बेहद खराब में 91.7% गिरावट।
राजधानी दिल्ली में सुधार हुआ: कल AQI 339 (बेहद खराब) था, आज 241 (खराब) पर पहुंचा, यानी 98 अंकों की कमी। हालांकि, यह अभी भी मानकों से 1,500% अधिक खराब है। फरीदाबाद में AQI 162 (-38) दर्ज, जो मध्यम है। सबसे प्रदूषित शहरों में गुरुग्राम (293), धारूहेड़ा (290), चरखी दादरी (279), गाजियाबाद (266), कटक (279), गुवाहाटी (248), दिल्ली (241), नोएडा (237) और भिवाड़ी (228) शामिल हैं। हरियाणा के चार और उत्तर प्रदेश के दो शहर टॉप-10 में हैं।
कई शहरों में PM2.5 प्रमुख प्रदूषक है, जैसे गुरुग्राम, गाजियाबाद, दिल्ली, जबकि PM10 बल्लभगढ़, बीकानेर आदि में हावी। कुछ में कार्बन और ओजोन से समस्या। अन्य प्रमुख शहरों के AQI: मुंबई 125, लखनऊ 93, चेन्नई 87, चंडीगढ़ 78, हैदराबाद 100, जयपुर 153, पटना 88।
AQI की व्याख्या: 0-50 बेहतर, 51-100 संतोषजनक, 101-200 मध्यम, 201-300 खराब, 301-400 बेहद खराब, 401-500 गंभीर। खराब हवा स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है, खासकर बीमारों को। प्रदूषण में उतार-चढ़ाव जारी है, लेकिन ज्यादातर शहरों में चिंता बनी हुई है।
