environmentalstory

Home » सिंगरौली में वायु प्रदूषण चरम पर: AQI 321 पहुंचा, WHO सीमा से 2000% अधिक

सिंगरौली में वायु प्रदूषण चरम पर: AQI 321 पहुंचा, WHO सीमा से 2000% अधिक

by kishanchaubey
0 comment

Air Pollution News: देश में वायु प्रदूषण की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। 02 फरवरी 2026 को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, सिंगरौली की हवा सबसे अधिक प्रदूषित रही, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 321 दर्ज किया गया। यह विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की सुरक्षित सीमा से 2000 प्रतिशत अधिक है। कल (01 फरवरी) यहां AQI 306 था, यानी प्रदूषण में 15 अंकों की बढ़ोतरी हुई। सिंगरौली में PM2.5 कण मुख्य प्रदूषक हैं, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहे हैं।

दूसरी ओर, राजधानी दिल्ली में प्रदूषण में सुधार देखा गया। कल AQI 265 था, जो आज घटकर 210 पर आ गया, यानी 55 अंकों की गिरावट। हालांकि, दिल्ली की हवा अभी भी खराब श्रेणी में है और WHO मानकों से 1300 प्रतिशत अधिक प्रदूषित। फरीदाबाद में AQI 163 (+3) दर्ज हुआ, जो मध्यम स्तर पर है।

देश के 237 शहरों के विश्लेषण से पता चला कि केवल 3.8 प्रतिशत (9 शहर) में हवा साफ है, जैसे शिलांग (AQI 26), अगरतला, बागलकोट, कलबुर्गी, मदिकेरी, पंपोर, पंचगांव, पंचकुला और श्रीनगर। 35 प्रतिशत (83 शहर) में वायु गुणवत्ता संतोषजनक है, जबकि 61.2 प्रतिशत में स्थिति चिंताजनक। 121 शहरों में AQI मध्यम (101-200), 23 में खराब (201-300) और सिंगरौली में बेहद खराब (301-400) है।

टॉप 10 प्रदूषित शहरों में सिंगरौली के बाद चरखी दादरी (299), मंडीदीप (283), गाजियाबाद (279), गुवाहाटी (279), कटक (274), बीकानेर (264), चूरू (264), गुम्मिडीपूंडी (260) और झुंझुनू (255) शामिल हैं। मध्य प्रदेश के दो और राजस्थान के तीन शहर इस सूची में हैं। कई शहरों में PM2.5 हावी है, जैसे सिंगरौली, गाजियाबाद, नोएडा, जबकि बल्लभगढ़, सूरत, लखनऊ में PM10 प्रमुख प्रदूषक। कुछ जगहों पर कार्बन और ओजोन से स्थिति खराब है।

banner

कल की तुलना में साफ हवा वाले शहरों में 25 प्रतिशत कमी आई, लेकिन बेहद खराब शहरों में 75 प्रतिशत गिरावट राहत की खबर है। संतोषजनक शहरों में 15.3 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई। कल वडोदरा (AQI 344) सबसे प्रदूषित था, लेकिन आज आंकड़ों में इसका जिक्र नहीं। अन्य प्रमुख शहरों में मुंबई (141), लखनऊ (190), चेन्नई (144), हैदराबाद (101), जयपुर (150) और पटना (136) का AQI मध्यम स्तर पर है।

AQI की व्याख्या: 0-50 बेहतर, 51-100 संतोषजनक, 101-200 मध्यम, 201-300 खराब, 301-400 बेहद खराब, 401-500 गंभीर। प्रदूषण का यह स्तर स्वस्थ लोगों को भी प्रभावित कर सकता है, जबकि बीमारों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। सरकार को तत्काल कदम उठाने की जरूरत है।

You may also like