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उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ: बारिश, बर्फबारी और शीतलहर अलर्ट

by kishanchaubey
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देश के उत्तर और उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 29 जनवरी, 2026 को जारी पूर्वानुमान में कहा है कि एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जो आने वाले दिनों में और तेज होगा। 30 जनवरी की रात से नया विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा, जिससे बारिश, बर्फबारी, तेज हवाएं और ठंड बढ़ने की आशंका है। एक फरवरी को जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख में भारी बारिश-बर्फबारी, गरज-चमक के साथ 40 किमी/घंटा तक हवाएं चल सकती हैं। ऊंचाई वाले इलाकों में जमकर बर्फ गिरने से यात्रा प्रभावित हो सकती है।

मैदानी इलाकों में भी असर दिखेगा। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली-एनसीआर और राजस्थान के कुछ हिस्सों में 31 जनवरी से एक फरवरी तक हल्की से मध्यम बारिश, बिजली गिरने और गरज-चमक की संभावना है। दिल्ली में आज अधिकतम तापमान 18 डिग्री और न्यूनतम 7 डिग्री रह सकता है, लेकिन बादल छाए रहेंगे। विभाग ने हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब और हिमाचल में शीतलहर की चेतावनी जारी की है, जहां न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी नीचे जा सकता है। बुजुर्गों, बच्चों और बीमारों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

घने कोहरे से 12 से अधिक राज्यों- बिहार, यूपी, राजस्थान, मध्य प्रदेश, ओडिशा, हिमाचल, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में दृश्यता कम हो सकती है, जिससे सड़क, रेल और हवाई यातायात प्रभावित होगा। ड्राइवरों को फॉग लाइट इस्तेमाल करने और धीमी गति रखने की हिदायत है।

तापमान में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में अगले दो दिनों में न्यूनतम तापमान 2-4 डिग्री गिर सकता है, फिर बढ़ोतरी हो सकती है। गुजरात में तीन दिनों में 3-5 डिग्री बढ़ोतरी, उसके बाद गिरावट के आसार हैं। कल कोच्चि में अधिकतम 36.3 डिग्री और अमृतसर में न्यूनतम 3.7 डिग्री दर्ज किया गया।

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समुद्री क्षेत्रों में अलर्ट: मन्नार की खाड़ी, दक्षिण तमिलनाडु तट और श्रीलंका के पास 60 किमी/घंटा तक तूफानी हवाएं चल सकती हैं। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह है।

यह मौसम बदलाव जनजीवन को प्रभावित कर सकता है। पहाड़ी यात्रा करने वाले, किसान और वाहन चालक सतर्क रहें। आईएमडी की चेतावनियों पर ध्यान दें।

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