24 जनवरी, 2026, नई दिल्ली: उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में भारी बर्फबारी और बारिश ने सर्दी का प्रकोप बढ़ा दिया है। मौसम विभाग के अनुसार, 26 जनवरी से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम फिर बदलेगा। इससे जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ों में बारिश और बर्फबारी की संभावना है।
जम्मू-कश्मीर में लगातार बर्फबारी से घाटियां बर्फ की चादर से ढक गई हैं। तापमान में गिरावट से पर्यटन बढ़ा है, लेकिन बिजली आपूर्ति बाधित हुई और यातायात प्रभावित हुआ। माता वैष्णो देवी क्षेत्र में भी भारी बर्फबारी दर्ज की गई। प्रशासन ने पांच जिलों में हिमस्खलन की चेतावनी जारी की है। यह मौसम सेब उत्पादकों और गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद साबित हो रहा है, जो सूखे से राहत पा रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश में तीन महीनों के सूखे के बाद हुई बारिश और बर्फबारी किसानों के लिए वरदान बनी। गेहूं की फसल और सेब के बागानों को लाभ मिला। पर्यटन उद्योग को भी बढ़ावा मिला, हालांकि कुछ इलाकों में शीतलहर की चेतावनी है।
उत्तराखंड में 23 जनवरी से मौसम बदला, पहाड़ों में बर्फबारी और मैदानों में बारिश से तापमान गिरा। मुक्तेश्वर में न्यूनतम तापमान 3.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। पर्यटक बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं, जिससे पर्यटन को बल मिला।
दिल्ली-एनसीआर में बारिश के बाद ठंड बढ़ी। अगले तीन दिनों में न्यूनतम तापमान 5-6 डिग्री गिर सकता है। तेज हवाएं और हल्का कोहरा रहेगा। हिमाचल, मध्य प्रदेश, राजस्थान, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में घना कोहरा छा सकता है, जो यातायात प्रभावित करेगा।
उत्तर-पश्चिम भारत में न्यूनतम तापमान 3-5 डिग्री गिर सकता है, मध्य भारत में 2-4 डिग्री। महाराष्ट्र और गुजरात में हल्की गिरावट के बाद बढ़ोतरी होगी। कल कारवार में अधिकतम 35.4 डिग्री और लुधियाना में न्यूनतम 4.4 डिग्री रहा।
समुद्री इलाकों में उत्तर अरब सागर, गुजरात, ओमान तट पर 60 किमी/घंटा तक तूफानी हवाएं चल सकती हैं। मछुआरों को समुद्र न जाने की सलाह दी गई। कुल मिलाकर, यह मौसम किसानों और पर्यटन के लिए राहत है, लेकिन ठंड और हवाओं से सावधानी जरूरी। पहाड़ी यात्रा पर मौसम की जानकारी लें।
