Air pollution News: देश भर में वायु गुणवत्ता की स्थिति बेहद खराब हो गई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के 13 जनवरी 2026 के आंकड़ों से पता चलता है कि 247 शहरों में से 66.4 प्रतिशत में हवा चिंताजनक स्तर पर है। भिवाड़ी और दिल्ली जैसे शहरों में प्रदूषण का स्तर खतरनाक रूप से बढ़ गया है, जबकि शिलांग की हवा सबसे स्वच्छ बनी हुई है।
भिवाड़ी में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 384 तक पहुंच गया, जो कल के 227 से 157 अंकों की भारी वृद्धि दर्शाता है। यह WHO की सुरक्षित सीमा से 700 प्रतिशत अधिक है। यहां PM10 कण प्रमुख प्रदूषक हैं, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहे हैं। दिल्ली में AQI 360 दर्ज किया गया, जो कल के 297 से 63 अंकों ऊपर है। राजधानी में प्रदूषण WHO मानकों से 2,200 प्रतिशत अधिक है। इससे पहले 14 नवंबर 2025 को दिल्ली का AQI 461 तक पहुंचा था, जो साल का सबसे प्रदूषित दिन था।
देश के सबसे प्रदूषित शहरों में भिवाड़ी टॉप पर है, उसके बाद गुरुग्राम (379), धारूहेरा (371), नोएडा (367), दिल्ली (360), गाजियाबाद (358), मानेसर (348), बद्दी (341), श्री गंगानगर (324) और बूंदी (290) शामिल हैं। हरियाणा के तीन शहर टॉप-10 में हैं। फरीदाबाद में AQI 254 है। कल वापी सबसे प्रदूषित था (366), लेकिन आज के आंकड़ों में इसका जिक्र नहीं।
उधर, शिलांग में AQI मात्र 9 है, जो भिवाड़ी से 41 गुना बेहतर है। विश्लेषण से पता चलता है कि केवल 6.1 प्रतिशत शहरों में हवा साफ है, 27.5 प्रतिशत में संतोषजनक, जबकि बाकी में खराब। कल से साफ हवा वाले शहरों में 25 प्रतिशत वृद्धि हुई, लेकिन खराब हवा वाले शहरों में 26.7 प्रतिशत और बेहद खराब में 400 प्रतिशत इजाफा हुआ है।
कई शहरों में PM2.5 प्रमुख प्रदूषक है, जैसे ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम, नोएडा, दिल्ली, मेरठ, आगरा, कानपुर आदि। PM10 से प्रभावित शहरों में भिवाड़ी, गाजियाबाद, भोपाल, लखनऊ, पटना, मुंबई, देहरादून शामिल हैं। कुछ जगहों पर कार्बन और ओजोन भी समस्या बढ़ा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सर्दियों में प्रदूषण बढ़ना सामान्य है, लेकिन सरकारी उपायों की जरूरत है।
