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उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ का प्रकोप: बर्फबारी, शीतलहर और कोहरे ने बढ़ाई मुश्किलें

by kishanchaubey
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पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से उत्तर भारत के पर्वतीय इलाकों में बारिश और बर्फबारी की संभावना बढ़ गई है। मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार, उत्तरी पाकिस्तान और जम्मू के ऊपर 3.1 किमी ऊंचाई पर चक्रवाती प्रसार सक्रिय है, जबकि 12.6 किमी ऊंचाई पर 130 नॉट्स की जेट स्ट्रीम बह रही है। इससे जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बर्फबारी के आसार हैं।

उत्तराखंड के चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ व बागेश्वर में न्यूनतम तापमान माइनस 3 से 1 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पाला जमने और फसलों को नुकसान की आशंका है। हिमाचल में कांगड़ा में सबसे तीव्र शीतलहर दर्ज, जहां कुकुमसेरी, ताबो, कल्पा व रिकांग पिओ में तापमान शून्य से नीचे। राज्य के 16 स्थानों पर न्यूनतम 5 डिग्री से कम, सुंदरनगर, ऊना व नाहन में 5.5 डिग्री।

जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी के बाद घाटी शीतलहर की चपेट में। गुलमर्ग में दिन का तापमान शून्य के आसपास, रातें माइनस में। 5-6 जनवरी को हल्की बर्फबारी संभावित। दिल्ली-एनसीआर में शीत दिवस, न्यूनतम 7.4 डिग्री (सामान्य से 0.5 कम), अधिकतम 17.3 डिग्री। AQI 200 से ऊपर, घना कोहरा। अगले सप्ताह अधिकतम 18-21, न्यूनतम 8-10 डिग्री रहने का अनुमान।

हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान व झारखंड में शीतलहर, बिहार, उत्तराखंड व मध्य प्रदेश में शीत दिवस के आसार। मध्य-पूर्वी भारत में 2-4 डिग्री गिरावट, गुजरात में 2-3 डिग्री वृद्धि। 4 जनवरी को कारवार (कर्नाटक) में अधिकतम 35.4 डिग्री, फतेहपुर (राजस्थान) में न्यूनतम 1.1 डिग्री।

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घने कोहरे से असम, बिहार, हिमाचल, झारखंड, राजस्थान, उत्तराखंड व पूर्वी यूपी में दृश्यता प्रभावित। यातायात बाधित, दुर्घटनाओं का खतरा। स्वास्थ्य पर असर: सर्दी-जुकाम, फ्रॉस्टबाइट व श्वसन समस्याएं बढ़ेंगी। कोहरे में प्रदूषक फेफड़ों को नुकसान।

दक्षिणी समुद्रों में 35-65 किमी/घंटा हवाएं, मछुआरों को समुद्र न जाने की सलाह। जनवरी के पहले सप्ताह में ठंड-कोहरे से सतर्क रहें, अनावश्यक यात्रा टालें।

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