Air Pollution News : ओडिशा के कोयला-खनन वाले औद्योगिक शहर तालचेर में वायु प्रदूषण चरम स्तर पर पहुंच गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के 2 जनवरी 2026 के आंकड़ों के अनुसार, तालचेर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 380 दर्ज किया गया, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है। यह स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की सुरक्षित सीमा से लगभग 2,300 प्रतिशत अधिक है।
यहां PM2.5 महीन कणों का प्रभुत्व है, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहा है। कल (1 जनवरी) यहां AQI 310 था, यानी एक दिन में 70 अंकों की भारी वृद्धि हुई।देश के 242 शहरों में से केवल 3.7 प्रतिशत (करीब 9 शहर) में हवा साफ (AQI 50 या कम) है, जबकि 66.9 प्रतिशत शहरों में स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
दस सबसे प्रदूषित शहरों में ओडिशा के सात शहर शामिल हैं—तालचेर (380), अंगुल (346), तिरुपति (341, आंध्र प्रदेश), बीकानेर (329), कटक (324), सिंगरौली (320, मध्य प्रदेश), बालासोर (318), भुवनेश्वर (317), बारीपदा (312) और क्योंझर (311)। ये आंकड़े औद्योगिक उत्सर्जन, कोयला खनन और मौसमी कारकों से जुड़े हैं।
दिल्ली में सुधार देखा गया—कल AQI 380 (सबसे खराब) था, जो आज 236 पर पहुंच गया, यानी ‘खराब’ श्रेणी में। फरीदाबाद का AQI 210 दर्ज हुआ। देश में सबसे साफ हवा दमोह (मध्य प्रदेश) में रही, जहां AQI मात्र 23 था—तालचेर से करीब 15 गुना बेहतर।कुल मिलाकर, 9 शहरों में हवा ‘बेहतर’, 71 में ‘संतोषजनक’, 107 में ‘मध्यम’, 45 में ‘खराब’ और 10 में ‘बेहद खराब’ रही।
कल से साफ हवा वाले शहरों में 200% और संतोषजनक में 39% की बढ़ोतरी हुई, जबकि बेहद खराब श्रेणी में 50% कमी आई। विशेषज्ञों का कहना है कि औद्योगिक क्षेत्रों में सख्त नियंत्रण, हरित क्षेत्र विस्तार और उत्सर्जन कम करने की तत्काल जरूरत है, वरना स्वास्थ्य जोखिम बढ़ते रहेंगे।
