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उत्तर और मध्य भारत में ठंड व शीतलहर का प्रकोप, कई राज्यों में कोहरा और प्रदूषण की स्थिति गंभीर

by kishanchaubey
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देश में मौसम की अस्थिरता चरम पर पहुंच गई है। जहां उत्तर और मध्य भारत में शीतलहर और घना कोहरा जनजीवन को प्रभावित कर रहा है, वहीं दक्षिणी राज्यों में कम दबाव क्षेत्र और चक्रवाती गतिविधियों के कारण भारी बारिश का दौर जारी है।

भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने आज जारी बुलेटिन में मध्य भारत में अगले चार दिनों में तापमान में 2-4 डिग्री की बढ़ोतरी की संभावना जताई है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में शीतलहर बरकरार रहेगी।

हिमाचल प्रदेश के मनाली और अन्य पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी के आसार हैं, जो आसपास के मैदानी इलाकों में ठंड को और तेज कर सकती है। दक्षिण में अंडमान-निकोबार, तमिलनाडु और केरल के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है, जहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है।

मध्य भारत में तापमान में धीमी बढ़ोतरी, लेकिन शीतलहर का खतरा बरकरार

मध्य भारत के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान धीरे-धीरे बढ़ रहा है, लेकिन शीतलहर से प्रभावित क्षेत्रों में जनजीवन परेशान है। आईएमडी के अनुसार, आज (20 नवंबर) पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में हाड़ कंपाने वाली शीतलहर से लेकर गंभीर शीतलहर की स्थिति बनी रहेगी।

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कल (21 नवंबर) तक यह कुछ क्षेत्रों में हल्की रूप में जारी रह सकती है। पूर्वी मध्य प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र और तेलंगाना में भी आज शीतलहर चलने का अनुमान है, जिससे रात और सुबह के तापमान में भारी गिरावट दर्ज हो सकती है।

महाराष्ट्र में अगले चार दिनों तक रात्रि तापमान में 2-4 डिग्री की वृद्धि संभव है, जबकि गुजरात में अगले तीन दिनों में 2-3 डिग्री की बढ़ोतरी का पूर्वानुमान है। इसके बाद तापमान स्थिर रहने की उम्मीद है।

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 20-21 नवंबर तक गंभीर शीतलहर जारी रहेगी, और इसके बाद 20-21 नवंबर के आसपास एक नई शीतलहर की लहर आ सकती है।

उत्तर-पश्चिम भारत: स्थिर तापमान, कोहरा और प्रदूषण से दोहरी मार

उत्तर-पश्चिम के मैदानी इलाकों में अगले 5-6 दिनों तक न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, जिससे वर्तमान ठंड और कोहरे का प्रकोप बना रहेगा। दिल्ली-एनसीआर में ठंड तेज हो चुकी है, और कोहरा प्रदूषण के साथ मिलकर स्थिति को और जटिल बना रहा है।

19 नवंबर को दिल्ली का अधिकतम तापमान 28.3 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से थोड़ा अधिक था, लेकिन न्यूनतम 10.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सीजन की औसत से 2.1 डिग्री कम था। आज सुबह से राजधानी घने कोहरे और ‘गंभीर’ श्रेणी के वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) की चपेट में है, जो 400 के पार पहुंच गया है। इससे सांस संबंधी बीमारियां बढ़ सकती हैं।

आईएमडी ने 20-24 नवंबर तक सुबह के समय हल्के से मध्यम कोहरे की चेतावनी दी है, जो दृश्यता को कम कर सकता है। अगले दो-तीन दिनों में तापमान में 1-2 डिग्री की और गिरावट संभव है, न्यूनतम 8-10 डिग्री तक पहुंच सकता है। राजस्थान के 16 जिलों में तापमान 10 डिग्री से नीचे गिर गया है, और पंजाब-हरियाणा में भी शीतलहर सक्रिय है।

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