केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) द्वारा 27 अक्टूबर 2025 को जारी आंकड़ों के अनुसार, देश के 256 शहरों में से बहादुरगढ़ सबसे प्रदूषित शहर बना हुआ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 381 से बढ़कर 387 हो गया है। यह कल से 6 अंकों का इजाफा है और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की सुरक्षित सीमा से 760% अधिक है।
बहादुरगढ़ में प्रदूषण के महीन कण (PM10) पूरी तरह हावी हैं, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हैं।दिल्ली सहित 9 शहरों में AQI 300 के पार है, जबकि शिलांग की हवा सबसे साफ बनी हुई है, जहां AQI महज 17 दर्ज किया गया।
बहादुरगढ़ की तुलना में शिलांग की स्थिति 22 गुणा बेहतर है। देश के 256 शहरों में से केवल 23% (59 शहर) में हवा साफ (AQI 0-50) है, जबकि 38.7% (99 शहर) में संतोषजनक (51-100), 38.3% (67 शहर) में मध्यम (101-200), 22 शहरों में खराब (201-300) और 9 शहरों में बेहद खराब (301-400) श्रेणी में है।
कल से तुलना में रुझान
साफ हवा वाले शहरों में 5.4% इजाफा (कल 84 से बढ़कर 99 संतोषजनक में भी 17.9% वृद्धि)।
संतोषजनक हवा वाले शहरों में 18% बढ़ोतरी।मध्यम श्रेणी में 13% गिरावट।
खराब श्रेणी में 8.3% गिरावट।
बेहद खराब श्रेणी में 13% इजाफा (कल की तुलना में)।
टॉप 10 सबसे प्रदूषित शहर (AQI)
बहादुरगढ़ (हरियाणा) – 387 (PM10 हावी)
धारूहेड़ा (हरियाणा) – 334
मानेसर (हरियाणा) – 330
नोएडा (उत्तर प्रदेश) – 327
फतेहाबाद (हरियाणा) – 323
बल्लभगढ़ (हरियाणा) – 319
मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) – 313
अम्बाला (हरियाणा) – 308
दिल्ली – 301 (कल 315 से 14 अंकों की गिरावट, लेकिन WHO से 1,900% अधिक)
जींद (हरियाणा) – 300
गौरतलब है कि टॉप 10 में हरियाणा के 7 शहर शामिल हैं। फरीदाबाद में कोई बदलाव नहीं, AQI जस का तस।
दिल्ली में पिछले महीनों में उतार-चढ़ाव जारी: जून-अगस्त में ज्यादातर संतोषजनक, जनवरी-अप्रैल में कभी साफ नहीं; नवंबर 2024 में 8 दिन, दिसंबर में 6 दिन गंभीर। प्रदूषण में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है, विशेषज्ञों का कहना है कि सर्दी बढ़ने से स्थिति और बिगड़ सकती है।
