Uttarakhand : उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में मंगलवार, 5 अगस्त 2025 को बादल फटने की घटना ने हर्षिल क्षेत्र में तबाही मचा दी। खीर गंगा गदेरे का जलस्तर अचानक बढ़ने से धराली गांव में भारी नुकसान हुआ। इस आपदा में अब तक चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, और कई लोग लापता बताए जा रहे हैं।
उत्तरकाशी के जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, चार लोगों की जान गई है और कई संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि राहत और बचाव कार्य तेजी से शुरू कर दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस घटना पर गहरा दुख जताया। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि वह वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं और स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं। न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बातचीत में सीएम धामी ने कहा, “बादल फटने से तेज गति से पानी और मलबा आया। हमारा प्रयास है कि जल्द से जल्द राहत और बचाव कार्य पूरे किए जाएं। जिला प्रशासन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और आपदा प्रबंधन विभाग इस दिशा में लगातार काम कर रहा है। हमारी प्राथमिकता सभी की जान-माल की सुरक्षा है।”
धराली गांव की निवासी आस्था ने बीबीसी हिंदी को बताया कि इस आपदा ने गांव को पूरी तरह तबाह कर दिया। उन्होंने कहा, “मैंने अपनी छत से कई होटल और दुकानें बहते देखीं। धराली का पूरा मार्केट खत्म हो गया है।” आस्था ने यह भी बताया कि इस घटना से पहले कोई चेतावनी जारी नहीं की गई थी, जिसके कारण लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला। उन्होंने कहा, “घटना के समय लोग पूजा के लिए जा रहे थे। कई लोग लापता हैं, और गांव वाले अपनी जान बचाने की कोशिश कर रहे हैं।”
राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने के लिए प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें मौके पर पहुंच चुकी हैं। स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है, और लापता लोगों की तलाश जारी है।
